Modi Maldives Visit : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही मालदीव का दौरा करने वाले हैं। मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह पर शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचेंगे लेकिन इससे पहले मालदीव में भारतीय प्रधानमंत्री को आतंकी करार दिया गया। दरअसल भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी मालदीव के राष्ट्रपति के साले के द्वारा बोला गया। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट को कुछ समय बाद डिलीट कर दी। उनके द्वारा की गई सोशल मीडिया पर पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी और इस्लाम का दुश्मन बताया गया।
मोदी के मालदीव दौरे को बता रहे गलती
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे से पहले राष्ट्रपति के साले के द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी करार दिया गया। उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी जैसे आतंकवादी को मालदीव दौरे पर बुलाना मालदीव की सबसे बड़ी गलती है। उनके द्वारा भारत में बाबरी मस्जिद को गिराई गई। बड़ी-बड़ी मस्जिदों को लूटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा अहमदाबाद को कब्रिस्तान में बदल दिया गया। ऐसे में मोदी का मालदीव दौरा मालदीव की सबसे बड़ी गलती है। आपको बता दे कि भारतीय प्रधानमंत्री पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले शेख अब्दुल्ला मालदीव के राष्ट्रपति के साले और शरीफ जमीयत के नेता बताये जा रहे हैं।
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भारत नहीं करता मदद तो मालदीव हो जाता दिवालिया -पूर्व राष्ट्रपति
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा भारत को लेकर बड़ा दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत के द्वारा समय पर मालदीव की मदद नहीं की जाती तो मालदीव दिवालिया हो सकता था। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की वजह से ही मालदीव की इकोनॉमी बर्बाद होने से बची है। हमारे देश की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो हालात बेकाबू हो जाते लेकिन भारत के द्वारा मालदीव की मदद की गई जिससे मालदीव दिवालिया होने से बच गया।
मालदीव पर आया था आर्थिक संकट
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा भारत को लेकर दिया गया बयान काफी हद तक सटीक साबित होता है। पिछले कुछ वर्षों में मालदीव की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था। 2022-23 में पर्यटन फ्लॉप होने के बाद मालदीव पर विदेशी कर्ज काफी ज्यादा बढ़ गया था। कर्ज बढ़ने के साथ-साथ मालदीव पर डॉलर की कमी का संकट भी मंडरा रहा था। ऐसे समय में भारत के द्वारा बड़े स्तर पर मालदीव को मदद की गई थी। भारत ने अनाज ईंधन और दूसरे मोर्चो पर मालदीव को सपोर्ट किया था। जिससे मालदीव डिफॉल्ट होने से बच पाया था।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे मोदी
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति का बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मालदीव का दौरा किया जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन दौरे से मालदीव पहुंचेंगे। 25 और 26 जुलाई को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनके द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान समुद्री और आर्थिक सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि मालदीव की विदेश नीति हमेशा इंडिया फर्स्ट के रूप में रही है। चुनाव के कारण मालदीव की राजनीति में चीन का भी प्रभाव देखने को मिलता है लेकिन मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा अब ऐसा होने से स्पष्ट इनकार किया गया है। उन्होंने कहा कि मालदीव की पूरी राजनीति अब धीरे-धीरे इंडिया फर्स्ट पॉलिसी पर आती जा रही है। भारत भी लगातार मालदीव को महत्व देता आ रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा इस बात का सबूत है।
‘मोदी की यात्रा से मिलेगा सपोर्ट’
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मालदीव की यात्रा करने से मालदीव को फायदा होगा। दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा होने के बाद समझौते होने की संभावना है तो वही साथ ही साथ विकास के नए रास्ते भी मोदी की यात्रा के बाद खुलने की संभावना है। भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों को साथ लेकर तरक्की करता रहा है और इसी कारण मालदीव लगातार आर्थिक वृद्धि कर रहा है। भारत की पड़ोसी देशों को साथ लेकर चलने की नीति के कारण ही मालदीव को भी बड़ी आर्थिक संभावनाएं प्राप्त हुई हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा मालदीव की यात्रा पर पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक मालदीव पहुंचेंगे। ऐसी उम्मीद मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा जताई गई है।
नया एग्रीमेंट होने से ज्यादा मछली भेज पाएगा मालदीव्स
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारत और मालदीव के बीच एक नया समझौता होना चाहिए क्योंकि नया समझौता होने के बाद भारत में स्थाई तौर पर ज्यादा मछली मालदीव के द्वारा बेची जाएगी। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति का दावा है कि मालदीव की मछली को भारत में बड़े स्तर पर पसंद किया जाता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट होने पर यह भारत और मालदीव दोनों के लिए लाभदायक होगा। समझौता होने के बाद दोनों देशों में विभिन्न क्षेत्रों में भी सामंजस्य बढ़ेगा। भारत की मदद से मालदीव में बन रहे नए एयरपोर्ट का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इससे दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों तक पहुंचने के लिए अब लंबी दूरी की यात्रा नहीं की जाएगी और समय की भी बचत होगी।






