Trump Pakistan Meeting : अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख के द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लंच पर मुलाकात की गई थी। इसके बाद अब यह संभावना बताई जा रही है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जल्द ही अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल के दूसरे सदस्य भी मुलाकात करने पहुंच सकते हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान में लगातार आर्मी प्रमुख असीम मुनीर के बढ़ते प्रभाव के कारण प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाकात करने को लेकर उत्सुक है। पाकिस्तान में कभी भी सत्ता परिवर्तन हो सकता है यह भी अंदेशा जताया जा रहा है।
द्विपक्षीय मुद्दों पर होगी चर्चा
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के द्वारा हाल ही में यह जानकारी दी गई थी कि जल्द ही पाकिस्तान से एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचेगा। जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ भी होंगे। यह संभावना बताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच होने वाली इस चर्चा में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा होगी। लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद के मुद्दे कश्मीर को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका पहुंचने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का झुकाव फिलहाल पाकिस्तान की तरफ होता जा रहा है।
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शाहबाज के साथ जा सकते हैं बिलावल भुट्टो
पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख असीम मुनीर के द्वारा राष्ट्रपति से मुलाकात किए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनके द्वारा कोशिश की जा रही है कि अमेरिका के राष्ट्रपति से जल्द से जल्द मुलाकात की जाए। अमेरिका के व्हाइट हाउस प्रवक्ता के द्वारा पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल के अमेरिका यात्रा को लेकर दिए गए बयान के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सहबाज शरीफ के साथ-साथ बिलावल भुट्टो भी इस यात्रा पर जा सकते हैं। लगातार बढ़ते पाकिस्तान आर्मी प्रमुख के प्रभाव से विपक्ष और सत्ता पक्ष चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी कारण जल्दी से जल्दी अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाकात की कोशिश जारी है।

पाकिस्तान में कभी भी बदल सकती है सरकार
पाकिस्तान में लंबे समय से यह देखा गया है कि सत्ता में सेना का प्रभाव होता है। सेना के द्वारा सरकार के विभिन्न फैंसलों को बड़े स्तर पर प्रभावित किया जाता है। पाकिस्तान के वर्तमान आर्मी प्रमुख असीम मुनीर के द्वारा लगातार पाकिस्तान की राजनीति में दखल दिया जा रहा है। विभिन्न महत्वपूर्ण फैसलों में असीम मुनीर की छाप स्पष्ट तौर पर देखी जा सकती है। यह भी चर्चा चल रही है कि पाकिस्तान में कभी भी सत्ता पलट हो सकता है और पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति से पाकिस्तान सेना प्रमुख की मुलाकात हो जाने के बाद इन चर्चाओं को और अधिक बल मिला था। हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हो पाई है। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ जाने के बाद से लगातार पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख एक शक्तिशाली केंद्र के रूप में उभर कर सामने आए हैं।
मध्यस्थता की पेशकश कर चुके ट्रंप
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद तथा कश्मीर मुद्दे के साथ-साथ आतंकवाद को लेकर भी तनाव बना रहता है। यह कई बार देखने को मिला है जब भारत और पाकिस्तान की सेना तनाव के कारण एक दूसरे के आमने-सामने हो गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनावपूर्ण संबंधों को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की जा चुकी है। ट्रंप के द्वारा दिए गए बयान के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी इस बात को स्पष्ट तौर पर नकार दिया था। नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह स्पष्ट तौर पर बता चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवादित मुद्दों को लेकर पाकिस्तान के साथ ही सुलझाया जा सकता है। इसमें किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघर्ष विराम पर ट्रंप की भूमिका चर्चा में
कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों के द्वारा पर्यटकों पर हमला कर दिए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव पैदा हो गया था। इस हमले के बाद भारतीय सेना के द्वारा आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया था। जिसके तहत पाकिस्तान में स्थित विभिन्न आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सैकड़ो आतंकी मौत के घाट उतारे थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव पैदा हो गया था। कई दिनों तक युद्ध की स्थिति बनी रहने के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार यह बयान दिया जा रहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान में संघर्ष विराम कराया था। दोनों देशों को व्यापार की धमकी देने के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। हालांकि भारत के द्वारा अभी तक इस बात को स्वीकार नहीं किया गया है।






