Thailand Cambodia Ceasefire पर सहमति बनी, मलेशिया में हुई वार्ता के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने युद्ध रोकने की घोषणा की, चीन-अमेरिका की भूमिका अहम।

थाईलैंड और कंबोडिया में हुआ संघर्ष विराम; संघर्ष में 30 से अधिक जा चुकी थी जान

Thailand Cambodia Ceasefire : कई दिनों से चल रहे थाइलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है। कंबोडिया के प्रधानमंत्री ने थाईलैंड के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर युद्ध विराम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि थाइलैंड और कंबोडिया दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए तत्काल लड़ाई रोकने पर सहमत हो गए हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम करने में चीन और अमेरिका की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन और अमेरिका के द्वारा लगातार यह कोशिश की जा रही थी कि थाइलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे संघर्ष को जल्द से जल्द रोका जाए। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्ष विराम को लेकर शांति वार्ता का आयोजन मलेशिया की राजधानी में किया गया। मलेशिया के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सीज फायर की घोषणा की गई।

मलेशिया की अध्यक्षता में हुई शांति वार्ता

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए शांति वार्ता का आयोजन मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में किया गया। इस शांति वार्ता की अध्यक्षता मलेशिया के प्रधानमंत्री के द्वारा की गई। कंबोडिया की तरफ से कंबोडिया के प्रधानमंत्री और थाईलैंड की तरफ से कार्यवाहक प्रधानमंत्री के द्वारा इस शांति वार्ता में हिस्सा लिया गया। दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता में थाईलैंड और कंबोडिया के द्वारा तुरंत संघर्ष विराम पर सहमति जताई गई। जिसके बाद दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हो गए और संघर्ष विराम की घोषणा की गई। कई दिनों से चल रहे थाईलैंड और कंबोडिया के संघर्ष में अब तक 30 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। दोनों देशों के बीच संघर्ष में हुई मौत में अधिकतर आम नागरिकों के होने की खबर सामने आ रही है।

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अमेरिका और चीन की कोशिश कारगर

थाईलैंड और कंबोडिया के संघर्ष को रोकने में अमेरिका और चीन की कोशिश कारगर साबित हुई है। अमेरिका और चीन के द्वारा लगातार इस संघर्ष को रोकने की कोशिश की जा रही थी। चीन के द्वारा विभिन्न स्तर पर थाईलैंड और कंबोडिया से बातचीत की जा रही थी। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा हाल ही में यह बयान दिया गया था कि भारत और पाकिस्तान संघर्ष की तरह जल्द ही थाईलैंड और कंबोडिया के युद्ध को रोक दिया जाएगा। उन्होंने दोनों देशों को धमकी भी दी थी कि यदि थाईलैंड और कंबोडिया ने संघर्ष विराम पर सहमति नहीं जताई तो दोनों देशों के साथ व्यापार समझौता नहीं किया जाएगा।

 

दो मंदिरों से पैदा हुआ विवाद

पड़ोसी मुल्क थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवाद का कारण दो मंदिरों को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दो शिव मंदिरों को लेकर थाईलैंड और कंबोडिया में तनाव पैदा हुआ है। यह दोनों मंदिर थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर स्थित हैं। दोनों देशों के बीच 1960 में सीमा का निर्धारण हुआ था। सीमा के निर्धारण से लेकर वर्तमान तक लगातार इनको लेकर विरोध चल रहा है। शिव मंदिर को लेकर दोनों ही देश के द्वारा अपनी-अपनी सीमा में होने का दावा किया जाता रहा है। जिस स्थान पर मंदिर बना हुआ है वहां पर सीमा का निर्धारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसी कारण दोनों देशों में तनाव पैदा होता है। थाईलैंड के द्वारा यह दावा किया जाता रहा है कि मंदिर कंबोडिया का हो सकता है लेकिन मंदिर के आसपास की जमीन पर थाईलैंड का अधिकार है। इसी कारण थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही देश की सेनाओ के द्वारा इस मंदिर के आसपास गस्त की जाती है। ऐसे कई मौके देखने को मिले हैं जब थाईलैंड और कंबोडिया की सेना एक दूसरे के आमने-सामने हो जाने के कारण झड़प हो गई थी।

Thailand Cambodia Ceasefire पर सहमति बनी, मलेशिया में हुई वार्ता के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने युद्ध रोकने की घोषणा की, चीन-अमेरिका की भूमिका अहम।
Thailand Cambodia Ceasefire पर सहमति बनी, मलेशिया में हुई वार्ता के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने युद्ध रोकने की घोषणा की, चीन-अमेरिका की भूमिका अहम।

 

कंबोडिया के सैनिक की मौत से बढ़ा मामला

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच लगातार 2 महीने से तनाव जारी है। 28 मई को थाईलैंड और कंबोडिया की सेना आमने-सामने हो गई थी। इस संघर्ष में कंबोडिया की सेना के एक सैनिक की मौत हो गई थी जिसके बाद थाईलैंड और कंबोडिया में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया। थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा के साथ-साथ लाओस की सीमा भी एक जगह मिलती है। इसी कारण दोनों ही देश के द्वारा इस स्थान पर दावा किया जाता है। थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ही देश के द्वारा एक दूसरे पर संघर्ष शुरू करने का आरोप लगाया जाता है। थाईलैंड का आरोप है कि उन्होंने बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने की पूरी कोशिश की थी लेकिन समाधान नहीं होने के बाद गोलीबारी का सहारा लिया गया।

 

संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने की थी आपात बैठक

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक आपात बैठक का आयोजन किया गया था। न्यूयॉर्क में आयोजित हुई इस बैठक में लगभग 15 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया और थाईलैंड और कंबोडिया दोनों से वर्तमान समय में चल रहे संघर्ष के दौरान संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की थी। संयुक्त राष्ट्र में कंबोडिया के राजदूत के द्वारा कहा गया था कि हम बिना किसी शर्त के थाईलैंड के साथ संघर्ष विराम चाहते हैं। छोटा देश होने के कारण हमारे पास वायु सेना भी मौजूद नहीं है। ऐसे में हमारी कभी भी आक्रमण की मंशा नहीं रही है। इसी बीच भारत की तरफ से अपने नागरिकों को दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष के कारण एडवाइजरी जारी की गई है। भारतीय दूतावास का कहना है कि थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा से लगे हुए इलाकों में यात्रा करने से लोगों को बचाना चाहिए। किसी भी आपातकालीन स्थिति में दूतावास से संपर्क करते हुए हालातो पर नजर बनाए रखने की अपील की गई थी।

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