Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच पिछले कई सालों से चल रहे संघर्ष को अब निर्णायक स्थिति में देखा जा सकता है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात होने के बाद इस युद्ध में नया मोड़ दिखाई देगा। जल्द ही डोनाल्ड ट्रंप के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति की मुलाकात अब पुतिन से होने वाली है। यूक्रेन के राष्ट्रपति और डोनाल्ड ट्रंप की हुई बैठक में सीधे तौर पर यूक्रेन और रूस के नेताओं की मुलाकात पर चर्चा की गई। जिस पर रूस के राष्ट्रपति के द्वारा भी सहमति जता दी गई है। रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक का निर्णय चाहे जो भी हो लेकिन अमेरिका के द्वारा लगातार यूक्रेन को समर्थन जारी रहेगा। यूक्रेन फिलहाल नाटो का सदस्य देश नहीं है। इसके बावजूद यूक्रेन को अमेरिका के द्वारा अच्छी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध खत्म जरूर होगा लेकिन होगा कब इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। अमेरिका के सैनिक भी यूक्रेन में शांति बने बनाने के लिए भेजे जा सकते हैं। दूसरी तरफ यूक्रेन के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि रूस और यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए जमीन की अदला बदली स्वीकार्य नहीं होगी। इसके लिए डिप्लोमेटिक रास्ता अपनाना चाहिए। यूक्रेन में युद्ध के जारी रहते राष्ट्रपति चुनाव संभव नहीं है। युद्ध खत्म होने के बाद ही राष्ट्रपति चुनाव हो पाएंगे। अमेरिका से मिल रहे समर्थन पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अमेरिका के हथियार बहुत जरूरी है। फिलहाल दुनिया के पास ऐसा हवाई रक्षा सिस्टम मौजूद नहीं है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति ने की डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात; यूक्रेन युद्ध को लेकर हुई चर्चा
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लंबे समय से चल रहे रूस और यूक्रेन के युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगातार कोशिश की जा रही है। हाल ही में उनके द्वारा रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की गई थी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन से डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात 15 अगस्त को अलास्का में हुई थी। इसके बाद इस मीटिंग में हुई बातचीत पर यूक्रेन का मत जानने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ हुई मुलाकात में यूरोप के लीडर भी साथ रहे। बताया जा रहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच फिलहाल संघर्ष विराम नहीं होगा। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक इतनी जल्दी दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम होना संभव नहीं है।
सभी की सहमति के बाद होगा समझौता -ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से मुलाकात के बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा की रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी यह मुलाकात काफी अच्छी रही। इस मुलाकात में प्रगति हुई है। आने वाले समय में नाटो तथा इसके सहयोगियों के साथ-साथ यूक्रेन की सहमति से समझौता करने की कोशिश की जाएगी। लंबे समय से यूक्रेन भी खुद को शांति वार्ता में शामिल करने की मांग कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच होने वाला अंतिम समझौता इन्हीं लोगों पर निर्भर करेगा। इन लोगों के द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद समझौता हो पाएगा। जब तक यह सहमत नहीं होंगे तब तक किसी पर प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा लेकिन साथ ही साथ उन्होंने इस मुलाकात को बड़ी प्रगति करार दिया।
यूक्रेन में शांति के लिए मददगार होगा समझौता -पुतिन
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता में जो चर्चा चल रही है। उसमें सभी पक्षों का ध्यान रखा जाएगा। यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इस सोच से हम सहमत हैं और इस पर काम करने के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में जो समझौता होगा वह यूक्रेन में शांति लाने के लिए मददगार होगा। पुतिन ने कहा कि ट्रंप के द्वारा लगातार अपने देश की भलाई के लिए कार्य किया जा रहा है लेकिन वह रूस के हितों को भी अच्छे से ध्यान में रखते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इरादों के लिए पुतिन ने शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि दोनों तरफ के नेताओं को ही रिजल्ट पर ध्यान देते हुए वार्ता को आगे बढ़ना चाहिए। पुतिन ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के साथ-साथ इसकी अहम वजह को भी खत्म करने पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने इस वजह को स्पष्ट तौर पर जाहिर नहीं किया।

डोनेटेस्क तथा नाटो पर अटका पेंच
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के द्वारा डोनेट्स तथा नाटो को लेकर ट्रंप के सामने शर्त रखी गई है। पुतिन का कहना है कि अगर यह इलाका रूस को दे दिया जाता है तो वह दूसरे इलाकों में अपनी सेना को आगे बढ़ने से रोक देंगे। रूस की सेना नए हमले नहीं करते हुए जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करेगी। इसी के साथ-साथ यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। यूक्रेन यदि नाटो में शामिल किया जाता है तो रूस समझौते पर सहमत नहीं होगा। इन दोनों शर्तों के पूरी हो जाने के बाद रूस समझौते करने को तैयार होगा। रूस के द्वारा जिस क्षेत्र को लेकर शर्त रखी गई है उस क्षेत्र में लंबे समय से रूस और यूक्रेन में टकराव चल रहा है। हालांकि रूस के द्वारा इस क्षेत्र के 70% हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है।
यूरोपीय नेताओं को हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में शांति वार्ता के दौरान यूरोप के नेताओं से हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और यूरोपीय नेताओं को शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हम यह उम्मीद कर रहे हैं कि यूरोपीय देश और यूक्रेन इसे समझेंगे और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं करेंगे। प्रगति को रोकने के लिए परदे के पीछे उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कोई साजिश नहीं की जाएगी।
यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर हुई चर्चा
यूक्रेन के राष्ट्रपति और यूरोपीय नेताओं के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हुई मुलाकात में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि यूक्रेन के द्वारा लगातार सुरक्षा की गारंटी की मांग की जा रही है। इस पर रूस के राष्ट्रपति ने भी सहमति जता दी है। अमेरिका और यूरोपीय देश मिलकर यूक्रेन की सुरक्षा पर कार्य करेंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद कहा कि वह यूरोप से मिले पैसों का उपयोग हथियार खरीदने में करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीटिंग को रोकते हुए रूस के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच लगभग 40 मिनट तक फोन पर बातचीत चली।





