Constitution Amendment Bill : गृह मंत्री अमित शाह ने संविधान संशोधन 130 विधेयक पर बयान देते हुए कहा कि विपक्ष के द्वारा लगातार इस विधेयक को पास न होने देने की कोशिश की गई। विपक्ष चाहता है कि जेल से ही भ्रष्टाचारी नेताओं के द्वारा सरकार का संचालन किया जा सके। विपक्ष के विरोध को उन्होंने गलत करार दिया। किसी भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के द्वारा जेल से सरकार चलने पर उन्होंने सवाल खड़ा किया जबकि उनका मानना है कि विपक्ष ऐसा चाहता है। उन्होंने कहा कि कभी देश का प्रधानमंत्री जेल चला जाए तो क्या देश से सरकार चलाना ठीक है? कोई भी मुख्यमंत्री अपने राज्य की सरकार का संचालन जेल से करें तो क्या यह ठीक है। किसी भी व्यक्ति या नेता के जेल से चले जाने के बाद इस पार्टी के दूसरे नेता के द्वारा सरकार का संचालन किया जा सकता है। जब आपकी जमानत हो जाए तो फिर से उस पद को प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में कांग्रेस तथा विपक्ष से हमारे द्वारा नैतिकता के आधार पर समर्थन की उम्मीद की जा रही है।
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विपक्ष कर रहा लगातार विरोध
हाल ही में लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया था। इस विधेयक को 20 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था। विधेयक में यह प्रावधान बनाए गए हैं कि किसी भी मंत्री प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के गिरफ्तार होने या 30 दिन की हिरासत में रहने पर उसे अपना पद छोड़ना होगा। इसमें यह शर्त भी रखी गई है कि जिस अपराध के लिए सजा या गिरफ्तारी हुई है उसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो। विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार चुनी हुई राज्यों की सरकारों को गिराने का षड्यंत्र कर रही है। दूसरी तरफ गृहमंत्री अमित शाह का कहना है कि आजकल एक नई परंपरा की शुरुआत की जा रही है। आरोप लगने के बावजूद नेताओं के द्वारा इस्तीफा नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के द्वारा भी यही कार्य किया गया था। सामाजिक नैतिकता को इस स्तर तक गिरने के लिए और राजनीति को बदनाम करने के लिए हम इससे सहमत नहीं है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग के द्वारा भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चुनाव में गड़बड़ी की जा रही है। इसे लेकर राहुल के द्वारा बिहार में वोटर अधिकार यात्रा की भी शुरुआत की गई। चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को 7 दिन में हलफनामा पेश करना होगा अन्यथा देश से माफी मांगे। इन दोनों विकल्पों के अलावा राहुल गांधी के लिए और कोई तीसरा विकल्प नहीं है। निर्वाचन आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विपक्ष के द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी और बिहार में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण में गड़बड़ी के आरोपों का जवाब दिया।
हलफनामा नहीं तो आरोप माने जाएंगे बेबुनियाद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानिश कुमार के द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगभग 85 मिनट तक उन्होंने राहुल गांधी के द्वारा लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को 7 दिन में हलफनामा देना होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप बे बुनियाद माने जाएंगे। किसी भी व्यक्ति के द्वारा यदि उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं होते हुए भी शिकायत दर्ज कराई जाती है तो वह केवल शपथ लेकर ही यह कार्य कर सकता है। चुनाव आयोग ने एक बार फिर वोट चोरी जैसे शब्दों को संविधान का अपमान बताया। मशीन से पढ़ी जाने वाली मतदाता सूची उपलब्ध नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह वोटर की निजी जानकारी का हनन होगा जिसे सुप्रीम कोर्ट भी मान चुका है। सीसीटीवी वीडियो या वोटिंग का वीडियो किसी को शेयर करना माता बहू और बेटी के लिए उचित नहीं होगा। आयोग लगातार ईमानदारी से कार्य कर रहा है। चुनाव आयोग के लिए कोई पक्ष और विपक्ष नहीं है सब समक्ष हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के द्वारा वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की गयी। उनके द्वारा शुरू की जा रही इस यात्रा के दौरान कुल 16 दिन में 1300 किलोमीटर का सफर तय किया जाएगा। यह यात्रा लगभग 20 से ज्यादा जिलों से गुजरेगी। वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत राहुल गांधी के द्वारा 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से की जाएगी और इसकी समाप्ति 1 सितंबर को बिहार के पटना में होगी। यात्रा की समाप्ति के अवसर पर एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के द्वारा लगातार चुनाव आयोग पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाया जा रहे हैं। उसी उद्देश्य से इस यात्रा को निकाला जा रहा है।

बुनियादी अधिकार बचाने के लिए लड़ाई -राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वोटर अधिकार यात्रा के द्वारा वह हर नागरिक के बुनियादी अधिकार की रक्षा करने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। 1 वोटर 1 वोट को बचाने की यह लोकतांत्रिक लड़ाई है। कांग्रेस पार्टी के द्वारा वोट चोरी के आरोप को लेकर अब सरकार और चुनाव आयोग पर प्रहार करना और तेज कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से लापता वोट के नाम से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें चुनाव आयोग को लेकर संदेश दिया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। राहुल गांधी के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद कांग्रेस समेत विपक्ष के द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक सीट का नहीं है बल्कि ऐसी बहुत सारी सीट हैं जहां पर वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर इस कार्य को बड़े ही सिस्टमैटिकली किया जा रहा है। चुनाव आयोग पर एक बार फिर बयान देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग और हम दोनों ही इस बात को जानते हैं। पहले हमारे पास इस गड़बड़ी को लेकर किसी भी तरह के कोई सबूत नहीं थे लेकिन अब हमारे पास सबूत मौजूद हैं।
आयोग के रिकॉर्ड से नहीं मिल रहे राहुल के सबूत
चुनाव आयोग की तरफ से राहुल गांधी को भेजे गए पत्र में यह लिखा गया है कि उन्होंने अपनी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जो दस्तावेज और स्क्रीनशॉट दिखाते हुए चुनाव आयोग पर आरोप लगाए थे वह दस्तावेज और स्क्रीनशॉट चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से नहीं मिल रहे हैं। राहुल गांधी के द्वारा जिस महिला को लेकर आरोप लगाया गया था उस महिला ने भी इस बात को स्पष्ट तौर पर झूठा करार दिया है। राहुल गांधी ने एक महिला के दो बार वोट डालने का आरोप लगाया था। भेजे गए पत्र में कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी के द्वारा राहुल गांधी से वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही गई है जिनके आधार पर राहुल गांधी के द्वारा चुनाव आयोग पर आरोप लगाए गए हैं।






