Donald Trump War : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध समाप्त करने का दावा किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि उनके द्वारा अब तक कुल 7 युद्ध रोके जा चुके हैं। इन युद्धों में अमेरिका के द्वारा व्यापारिक दबाव का सहारा लिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह कहा गया कि हमारे कार्यकाल में कुल सात संभावित युद्धों को रोका गया जिनमें से चार युद्ध रोकने में व्यापारिक दबाव का सहारा लिया गया। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि व्यापारिक दबाव तथा टैरिफ के कारण अमेरिका को बड़ी कमाई प्राप्त हुई है। ट्रंप इससे पहले भारत और पाकिस्तान के युद्ध को समाप्त करने में भी व्यापार की भूमिका बता चुके हैं हालांकि भारत के द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
टैरिफ की धमकी से झुके देश : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमारे द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों में चल रहे संघर्षों को खत्म करने के लिए टैरिफ का दबाव बनाया गया। विभिन्न संघर्ष कर रहे देश यदि लड़ाई करते हुए सभी को मारना चाहते हैं तो ऐसा कर सकते हैं लेकिन यदि हमारे साथ आपको फिर व्यापार करना होगा तो 100% टैरिफ देना होगा। यह सुनने के बाद सभी देशों के द्वारा हार मान ली गई जिसके कारण यह संघर्ष खत्म हुए। अमेरिका के मुताबिक भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ भी उसी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका के द्वारा लगातार रूस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए वह रूस के साथ व्यापार करने के कारण भारत पर अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा कर चुका है।
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‘तेल खरीद से रूस को मिल रहा पैसा’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड सलाहकार ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत के द्वारा बड़े स्तर पर रूस से व्यापार किया जा रहा है। कच्चे तेल की खरीद करते हुए भारतीय कंपनियों के द्वारा उसे रिफाइन करने के बाद महंगे दाम पर बेचा जा रहा है। इस तरह युद्ध में रूस को आर्थिक समर्थन मिल रहा है। दूसरी तरफ भारत लगातार मुनाफा कमा रहा है। भारत अमेरिका को सामान बेचकर जो पैसा मिलता है उस से रूसी तेल खरीदने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बड़ा दावा किया कि रूस और यूक्रेन युद्ध में शांति का रास्ता भारत से होकर गुजरता है। अगर देखा जाए तो भारत को रूस के तेल की आवश्यकता नहीं है लेकिन मुनाफा कमाने के कारण भारत के द्वारा ऐसा किया जा रहा है।
लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। सीमा विवाद तथा दूसरे कारणों से दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी रहती है। कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर युद्ध की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे लेकिन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दिए जा रहे बयान को लेकर बार-बार भारत के द्वारा आपत्ति जताई जा रही है। एक बार फिर भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बारे में हम बहुत स्पष्ट हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका के द्वारा संघर्ष विराम करने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जब भी दो देशों के बीच संघर्ष होता है तो वह एक दूसरे से बात करते हैं। दूसरे देशों के द्वारा भी फोन किए गए थे। यह कोई सीक्रेट बात नहीं है। रूस यूक्रेन तथा इजरायल ईरान के दौरान हमने भी विभिन्न फोन किए थे। आज के ग्लोबल रिश्तो में यह आम बात हो गई है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की वजह से हुआ था यह स्वीकार नहीं है।

अमेरिका भूल रहा अपने पुराने रिश्ते
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर अमेरिका पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने पुराने रिश्तों को भूल रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगातार आतंकवादी को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी पाकिस्तान में ही 2011 में मिला था। कुछ देश लगातार राजनीति और रणनीतिक फायदे के लिए इतिहास को नजरअंदाज करते हैं। पाकिस्तान और अमेरिका का एक लंबा इतिहास है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके द्वारा विदेश नीति को बिल्कुल अलग तरीके से चलाया जा रहा है। किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा यह कार्य नहीं किया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का यह रवैया सिर्फ भारत के साथ सीमित नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के साथ उनके द्वारा ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख के द्वारा कुछ दिन पहले भारत को चमचमाती मर्सिडीज़ कार की संज्ञा दी थी जबकि पाकिस्तान को रेत से भरा हुआ डंपर बताया था भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख के बयान पर बोलते हुए कहा कि मैं आसिम मुनीर के बयान को मजाक में नहीं लेता बल्कि उनकी नाकामी को स्वीकार करने वाला मानता हूं। भारत देश के द्वारा बड़ी ही मेहनत करके अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है जिससे अब भारत की अर्थव्यवस्था फरारी जैसी बन गई है जबकि उनकी अर्थव्यवस्था अभी भी डंपर जैसी बनी हुई है। यह उनकी नाकामी है। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मलबे से भरे हुए डंपर की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि अगर इस गंभीर चेतावनी के पीछे छिपे संकट पर ध्यान दिया जाए तो यह हमारे लिए गंभीर चिंता बन सकती है। समय रहते हमें इस पर ध्यान देना होगा और इसके लिए तैयारी करनी होगी। तब ही भारत ऐसी चेतावनियों का करारा जवाब दे पाएगा।





