India US Tariff विवाद के बीच मोदी और जयशंकर ने कहा भारत झुकेगा नहीं। रूस से तेल खरीद जारी रहेगी, किसानों और छोटे उद्योगों की रक्षा होगी।

मोदी ने स्वदेशी को बताया जीवन मंत्र; अमेरिका लगा चुका भारत पर 50% टैरिफ

India US Tariff : अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा किये जाने के बाद लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ अमेरिका दबाव बनाते हुए भारत को झुकाना चाहता है लेकिन भारत ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। भारत लगातार रूस के साथ अपना व्यापार जारी रख रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय किसान तथा छोटे उद्योगपतियों को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। मोदी ने स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी सबका जीवन मंत्र होना चाहिए। निवेश भले ही किसी के भी द्वारा किया जाना चाहिए लेकिन उत्पादन घरेलू स्तर पर हो इसका हमें ध्यान रखना चाहिए। हमारे स्वदेशी की परिभाषा काफी सरल और स्पष्ट है।

निवेश किसने किया नहीं पड़ता इससे फर्क- मोदी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में निवेश भले ही किसी के भी द्वारा किया गया हो उसका फर्क नहीं पड़ता है। चाहे वह पाउंड में हो डॉलर हो मुद्रा काली हो या सफेद। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे देशवासियों का पसीना उत्पादन में शामिल हो। पैसा भले ही किसी दूसरे के द्वारा लगाया जा सकता है लेकिन पसीना अर्थात उत्पादन हमारे द्वारा ही किया जाना चाहिए। भारत को प्रजातंत्र का बड़ा फायदा आगामी समय में मिलने वाला है। मोदी ने कहा कि भारत के पास कुशल कार्य बल मौजूद है।

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रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगा अमेरिका

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व्यापारिक दबाव से समाप्त कराये चार युद्ध : ट्रंप; बोले- अमेरिका को हुई बड़ी कमाई

अमेरिका के द्वारा भारत पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि रूस यूक्रेन युद्ध होने के बावजूद भारत के द्वारा रूस से तेल खरीदा जा रहा है। इसे लेकर अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा भी की जा चुकी है लेकिन भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के दबाव के कारण वह झुकने वाला नहीं है। रूस में भारत के राजदूत ने एक बार फिर कहा कि भारत लगातार रूस से तेल की खरीद जारी रखेगा। भारत को दुनिया में जहां भी सस्ता तेल मिलेगा वहीं से तेल की खरीदारी होगी। तेल कंपनियों के द्वारा अच्छा सौदा मिलने पर व्यापार किया जाएगा। इसी के साथ उन्होंने अमेरिका के द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के फैसले को बेबुनियाद करार दिया।

140 करोड लोगों की ऊर्जा सुरक्षा करना भारत का लक्ष्य

रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा कि अमेरिका के द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने का फैसला सही नहीं है। भारत लगातार अपने हितों के आधार पर कार्य कर रहा है। 140 करोड लोगों की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत के द्वारा कदम बढ़ाए जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर रूस समेत कई दूसरे देशों के द्वारा तेल बाजार को स्थिर रखने में अहम योगदान दिया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत पर रूस से तेल खरीद के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की गई थी जो 27 अगस्त से लागू होने वाला है।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संबंधों पर बयान दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर विदेश मंत्री ने कहा अमेरिका से झगड़ा नहीं है। भारतीय किसान तथा छोटे उत्पादकों का ध्यान रखते हुए भारत सरकार लगातार अपने कदम आगे बढ़ा रही है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपने हित को देखते हुए इस पर फैसला लेगा। किसी भी देश के द्वारा मजबूर नहीं किया जा सकता। अमेरिका के द्वारा लगातार भारत पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि भारत कम दाम में कच्चा तेल खरीद कर उसे अधिक दाम में बेच रहा है। इस पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी देश को यदि भारत से तेल खरीद ने में समस्या है तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए।

India US Tariff विवाद के बीच मोदी और जयशंकर ने कहा भारत झुकेगा नहीं। रूस से तेल खरीद जारी रहेगी, किसानों और छोटे उद्योगों की रक्षा होगी।
India US Tariff विवाद के बीच मोदी और जयशंकर ने कहा भारत झुकेगा नहीं। रूस से तेल खरीद जारी रहेगी, किसानों और छोटे उद्योगों की रक्षा होगी।

अमेरिका के द्वारा लगातार भारत को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। अमेरिका का आरोप है क़ि भारत रूस के साथ यूक्रेन युद्ध के बावजूद व्यापार कर रहा है। लंबे समय से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध का असर दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा रहा है। भारत के ऊपर अमेरिका के द्वारा अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की गई थी। अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसके बाद दुनिया के विभिन्न देशों के द्वारा इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी जा रही है। रूस और चीन के द्वारा टैरिफ के मुद्दे पर भारत का समर्थन करने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चीन रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत से आगे है। फिर भी भारत पर ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। यह समझ से परे है।

भारतीय विदेश मंत्री ने यह बयान रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद दिया। भारतीय विदेश मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के साथ-साथ रूस के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इसके बाद एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन को भारत से बड़ा कच्चा तेल का खरीदार बताया। चीन के राजदूत ने भारत और चीन के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि इस समय दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत और चीन दो ऐसे देश है जो सिर्फ एशिया के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए इनकी दोस्ती फायदेमंद हो सकती है। एशिया की आर्थिक प्रगति के लिए भारत और चीन दो इंजन के रूप में कार्य कर रहे हैं। चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देगा।

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