Modi Japan Visit : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के जापान दौरे पर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह बतौर प्रधानमंत्री आठवीं जापान यात्रा है। इस तरह वह सर्वाधिक बार प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए जापान की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के द्वारा तीन बार जापान का दौरा किया गया था। अपनी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा भारत जापान वार्षिक सम्मेलन के 15 वे संस्करण में भाग लिया जाएगा। दोनों देशों के बीच इस सम्मेलन में रणनीतिक तथा आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर चर्चा की जाएगी। जापान दौरे पर जाने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि दोनों देशों के बीच ग्लोबल साझेदारी तथा रणनीति को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
बुलेट ट्रेन फैक्ट्री का दौरा करेंगे मोदी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जापान यात्रा के दौरान जापान की उस फैक्ट्री का भी दौरा करेंगे जहां बुलेट ट्रेन का निर्माण होता है। मोदी के द्वारा फैक्ट्री का दौरा 30 अगस्त को किया जाएगा। वार्षिक सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री जापान के प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी ट्रेड तथा डिफेंस के मुद्दे पर बातचीत होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को डिनर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान जापान के द्वारा बड़े स्तर पर भारत में निवेश करने की घोषणा हो सकती है। अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगा देने के बाद लगातार भारत के द्वारा अमेरिका को छोड़कर दूसरे देशों को वरीयता दी जा रही है। इस दृष्टि से इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
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दोनों देशों के बीच होंगे 100 से ज्यादा MOU
मोदी की जापान यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान जापान और भारत के बीच 100 से भी अधिक समझौते होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच क्लीन एनर्जी मेडिसिन सेमीकंडक्टर कम्युनिकेशन सप्लाई और चर्चा हो सकती है। आर्थिक सहयोग के लिए भारत और जापान के द्वारा नए स्तर पर संगठन तैयार करने को लेकर निर्णय होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लगातार बढ़ती भूमिका को लेकर भी भारत और जापान के द्वारा मिलकर कार्य करने पर कदम उठाए जा सकता है। जापान और भारत के बीच लंबे समय से व्यापार होता रहा है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में भारत की जापान के द्वारा मदद की जा रही है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत का पहला हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। इसमें जापान की काफी अहम भूमिका है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री के द्वारा की गई थी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि 2026 तक भारत को जापान के द्वारा दो बुलेट ट्रेन गिफ्ट दी जाएगी। इनकी डिलीवरी की शुरुआत 2026 में हो सकती है।
अमेरिका के द्वारा लगातार रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए अमेरिका के द्वारा विभिन्न हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। अमेरिका के द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेन्स ने कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ रूस पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। युद्ध किसी के भी हित में नहीं है। इसलिए हम लगातार आक्रामक कूटनीति का सहारा ले रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में रूस पर दबाव बनाने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

कम या ज्यादा हो सकता है टैरिफ
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने रूस यूक्रेन युद्ध पर बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका के द्वारा लगातार रूस को शांति के रास्ते पर लाने की कोशिश की जा रही है। अगर रूस के साथ चल रही वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है तो आने वाले समय में विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ कम किया जा सकता हैं लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो विभिन्न देशों पर टैरिफ की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। अमेरिका के द्वारा लगातार यूक्रेन का साथ देने को लेकर उपाद किया जा रहा है। यूक्रेन अमेरिका तथा यूरोप के दूसरे देशों से सुरक्षा की गारंटी की मांग कर रहा है। इसे देखते हुए ही रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत करते हुए अमेरिका यह कोशिश कर रहा है कि वर्तमान में चल रही जंग को खत्म करने के साथ-साथ यह युद्ध भविष्य में फिर नहीं हो इसके लिए रास्ता निकाला जाए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध समाप्त करने का दावा किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि उनके द्वारा अब तक कुल 7 युद्ध रोके जा चुके हैं। इन युद्धों में अमेरिका के द्वारा व्यापारिक दबाव का सहारा लिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह कहा गया कि हमारे कार्यकाल में कुल सात संभावित युद्धों को रोका गया जिनमें से चार युद्ध रोकने में व्यापारिक दबाव का सहारा लिया गया। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि व्यापारिक दबाव तथा टैरिफ के कारण अमेरिका को बड़ी कमाई प्राप्त हुई है। ट्रंप इससे पहले भारत और पाकिस्तान के युद्ध को समाप्त करने में भी व्यापार की भूमिका बता चुके हैं हालांकि भारत के द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है।






