Modi China Meeting : वैश्विक स्तर पर लगातार बदलते समीकरणों के बीच चीन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अमेरिका के द्वारा लगातार भारत के विरोध में कदम उठाए जा रहे हैं। अमेरिका ने भारत पर बड़ी मात्रा में टैरिफ की घोषणा कर दी है जिसके बाद भारत ने भी झुकने से इनकार कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत के खिलाफ बयान बाजी कर रहे हैं। इसके बाद भारत ने रूस तथा चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि 31 अगस्त को चीन के राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री की मुलाकात होगी। शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के दौरान मोदी के द्वारा चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत पर बड़ी मात्रा में टैरिफ की घोषणा कर देने के बाद अब चीन को निशाना बनाया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा की थी। इसके बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि चीन के द्वारा अमेरिका के साथ सही व्यवहार नहीं किया तो हमारे द्वारा चीन के प्रति कठोर कदम उठाए जाएंगे। हमारे पास ऐसे कार्ड मौजूद है यदि उन कार्ड को हमारे द्वारा चला गया तो चीन बर्बाद हो जाएगा। हम लगातार चीन से बेहतर रिश्ते की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अभी भी व्यापारिक तनाव बार चीन और अमेरिका के बीच बना हुआ है। व्यापार विवाद में वॉशिंगटन की स्थिति मजबूत है।
2 दिन के जापान दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी; संबंधों को मजबूत करने की होगी कोशिश
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जल्द चीन जा सकते हैं ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को धमकी देने के साथ-साथ जल्द ही चीन की यात्रा के भी संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति से मेरी बातचीत हुई है। हमारे द्वारा लगातार चीन की यात्रा की प्लानिंग की जा रही है। इसी साल के अंत तक या उसके बाद में चीन जा सकता हूं। ट्रंप ने कहा कि उनके चीन दौरे के लिए चीन के राष्ट्रपति के द्वारा न्योता दिया गया है। कुछ समय पहले भी चीन और अमेरिका के बीच तारीफ वॉर देखने को मिला था। अमेरिका के द्वारा चीन पर 245% टैरिफ लगाने की धमकी दी गई थी जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर बड़ी मात्रा में टैरिफ की घोषणा की थी। हालांकि अमेरिका के द्वारा लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ बाद में टाल दिया गया था।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के जापान दौरे पर जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह बतौर प्रधानमंत्री आठवीं जापान यात्रा है। इस तरह वह सर्वाधिक बार प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए जापान की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के द्वारा तीन बार जापान का दौरा किया गया था। अपनी जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा भारत जापान वार्षिक सम्मेलन के 15 वे संस्करण में भाग लिया जाएगा। दोनों देशों के बीच इस सम्मेलन में रणनीतिक तथा आर्थिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर चर्चा की जाएगी। जापान दौरे पर जाने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा कि दोनों देशों के बीच ग्लोबल साझेदारी तथा रणनीति को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
बुलेट ट्रेन फैक्ट्री का दौरा करेंगे मोदी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी जापान यात्रा के दौरान जापान की उस फैक्ट्री का भी दौरा करेंगे जहां बुलेट ट्रेन का निर्माण होता है। मोदी के द्वारा फैक्ट्री का दौरा 30 अगस्त को किया जाएगा। वार्षिक सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री जापान के प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी ट्रेड तथा डिफेंस के मुद्दे पर बातचीत होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी को डिनर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा के दौरान जापान के द्वारा बड़े स्तर पर भारत में निवेश करने की घोषणा हो सकती है। अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगा देने के बाद लगातार भारत के द्वारा अमेरिका को छोड़कर दूसरे देशों को वरीयता दी जा रही है। इस दृष्टि से इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

दोनों देशों के बीच होंगे 100 से ज्यादा MOU
मोदी की जापान यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान जापान और भारत के बीच 100 से भी अधिक समझौते होने की संभावना जताई जा रही है। दोनों देशों के बीच क्लीन एनर्जी मेडिसिन सेमीकंडक्टर कम्युनिकेशन सप्लाई और चर्चा हो सकती है। आर्थिक सहयोग के लिए भारत और जापान के द्वारा नए स्तर पर संगठन तैयार करने को लेकर निर्णय होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लगातार बढ़ती भूमिका को लेकर भी भारत और जापान के द्वारा मिलकर कार्य करने पर कदम उठाए जा सकता है। जापान और भारत के बीच लंबे समय से व्यापार होता रहा है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में भारत की जापान के द्वारा मदद की जा रही है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच भारत का पहला हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। इसमें जापान की काफी अहम भूमिका है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2017 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री के द्वारा की गई थी। यह भी संभावना जताई जा रही है कि 2026 तक भारत को जापान के द्वारा दो बुलेट ट्रेन गिफ्ट दी जाएगी। इनकी डिलीवरी की शुरुआत 2026 में हो सकती है।
अमेरिका के द्वारा लगातार रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर सक्रियता दिखाई जा रही है। इसे लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिले थे। उसके बाद उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ यूरोपीय नेताओं से भी मुलाकात की थी। अमेरिका के द्वारा लगातार रूस पर दबाव बनाया जा रहा है। रूस के साथ व्यापार करने वाले विभिन्न देशों पर अमेरिका के द्वारा बड़ी मात्रा में टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है। साथ ही साथ रूस पर अमेरिका के द्वारा विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं लेकिन अमेरिका अब खुद रूस के साथ व्यापार करने को बेताब दिख रहा है। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अमेरिका रूस के साथ ऊर्जा समझौता करना चाहता है। खबर सामने आ रही है कि पुतिन और ट्रंप की मुलाकात में भी इस समझौते पर बातचीत हुई थी।
रूस पर प्रतिबंध हटा सकता है अमेरिका
रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका के द्वारा रूस को लेकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अमेरिका के द्वारा रूस पर विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यह प्रतिबंध लगाए गए थे जिसके बाद रूस को निवेश के क्षेत्र में बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था लेकिन अब अमेरिका के द्वारा रूस को शांति वार्ता के लिए सहमत किया जा रहा है। इसके लिए अमेरिका रूस पर लगे प्रतिबंधों को भी हटा सकता है। ऐसा करने के पीछे अमेरिका की रणनीति भी है। अमेरिका लगातार रूस से परमाणु ऊर्जा से चलने वाले जहाज खरीदने की कोशिश कर रहा है।






