Modi China Visit: प्रधानमंत्री मोदी ने चीन में शी जिनपिंग से मुलाकात की, आतंकवाद पर समर्थन मांगा और ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का न्योता दिया।

चीन के राष्ट्रपति से मोदी की हुई मुलाकात; जिनपिंग बोले- हाथी और ड्रैगन को आना चाहिए साथ

Modi China Visit : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन दौरे पर है। उन्होंने चीन दौरे पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंचे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति से हुई। दोनों नेताओं के बीच लगभग 50 मिनट तक मुलाकात चली। चीन के राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात में दोनों देशों के द्वारा एक दूसरे का सहयोग करने तथा विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि ड्रैगन और हाथी को एक साथ आना चाहिए। उनका इशारा भारत से सहयोग करने की तरफ था। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के मुद्दे पर समर्थन मांगा।

मोदी ने दिया जिनपिंग को भारत दौरे का न्योता

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान उन्हें भारत आने के लिए आमंत्रित किया। 2026 में भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के लिए मोदी ने जिनपिंग को न्योता दिया। चीन के राष्ट्रपति से हुई मुलाकात में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे को उठाया। SCO  संगठन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न देशों के नेता चीन पहुंचे हैं। आधिकारिक रूप से स्वागत होने के बाद चीन के राष्ट्रपति के साथ फोटो सेशन हुआ। चीन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ भी मौजूद रहे।

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विभिन्न मुद्दों पर बनी सहमति

चीन के राष्ट्रपति के साथ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबे समय बाद मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात की जानकारी देते हुए भारतीय विदेश सचिव ने बताया कि भारत और चीन ने एक दूसरे के साथ साझेदारी और शांति पर जोर दिया है। दोनों देश एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार के रूप में कार्य करेंगे। लंबे समय से सीमा पर बने विवाद को खत्म करने के लिए दोनों ही देश के द्वारा शांति पर जोर डाला गया। चीन के राष्ट्रपति ने भारत के साथ एक दूसरे की चिंताओं का ध्यान रखना आपसी भरोसे को आगे बढ़ाने तथा डिप्लोमेटिक संवाद को भी प्रगति प्रदान करने की अपील की।

वैश्विक स्तर पर लगातार परिदृश्य बदलता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका के द्वारा लगातार विभिन्न देशों को टैरिफ का दबाव दिखाया जा रहा है। अमेरिका के द्वारा दी जा रही टैरिफ धमकियों के कारण विभिन्न देशों के द्वारा दबाव में आकर अमेरिका के साथ समझौते भी कर लिए गए हैं। दूसरी तरफ भारत और चीन जैसे देश अभी भी अमेरिका के सामने खड़े हुए हैं। अमेरिका के द्वारा भारत पर बड़ी मात्रा में टैरिफ लगा दिया गया है। ऐसे में अब भारत अमेरिका के बजाय दूसरे देशों को तरजीह दे रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही चीन का दौरा कर रहे हैं। भारत और चीन के संबंध लगातार सुधार की पटरी पर हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारत और चीन के संबंधों को मजबूत करने के लिए चीन के राष्ट्रपति के द्वारा पहल की गई थी। अमेरिका के द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बीच उन्होंने भारतीय राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने संबंधों को सुधारने पर जोर दिया था।

चीन के राष्ट्रपति के पत्र के तय हुआ मोदी का दौरा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के द्वारा भारतीय राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच होने वाले समझोतो का जिक्र किया। उन्होंने कहा है कि इन शब्दों से चीन को आखिर किस तरह नुकसान हो सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा चीन के खिलाफ व्यापार युद्ध को तेज करने के समय उन्होंने भारत से संपर्क किया था। भारत से संबंधों को सुधार करने के उद्देश्य से उन्होंने भारतीय राष्ट्रपति को पत्र लिखा था। यह भी बताया जा रहा है कि इस पत्र के बाद ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा तय हुआ था। राष्ट्रपति को चीन के राष्ट्रपति की चिट्ठी मिलने के बाद इस सूचना को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया गया था जिसके बाद आकलन करते हुए मोदी के चीन दौरे को फाइनल किया गया था। भारत और अमेरिका के बीच होने वाले समझोतो से चीन के हितों को नुकसान होने वाला है। यह जिक्र किया गया था। साथ ही साथ भारत से संबंध सुधारने के लिए नेतृत्व के लिए अधिकारी नियुक्त करने का जिक्र भी चीन के राष्ट्रपति के पत्र में किया गया था।

Modi China Visit: प्रधानमंत्री मोदी ने चीन में शी जिनपिंग से मुलाकात की, आतंकवाद पर समर्थन मांगा और ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का न्योता दिया।
Modi China Visit: प्रधानमंत्री मोदी ने चीन में शी जिनपिंग से मुलाकात की, आतंकवाद पर समर्थन मांगा और ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का न्योता दिया।
अमेरिका से नाराजी ने चीन से बढ़ाई नजदीकी

भारत और चीन के बीच भी लंबे समय से तनाव जारी है। सीमा विवाद तथा दूसरे कारणों से भारत और चीन लगातार एक दूसरे के खिलाफ दिखाई देते हैं लेकिन हाल ही में अमेरिका के द्वारा अपनाए गए रास्ते के कारण भारत की अमेरिका से दूरी लगातार बढ़ती गई है जबकि चीन से संबंधों में सुधार हो रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा लगातार उठाये जा रहे कदमों का भारत के द्वारा विरोध किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए संघर्ष को लेकर बयान दिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया था। डोनाल्ड ट्रंप अपने इस बयान को लगातार दोहरा रहे हैं। दूसरी तरफ भारत के द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। भारत के द्वारा अमेरिका की मध्यस्थता को स्वीकार करने से भी साफ इनकार कर दिया गया था। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा भारत पर रूस के साथ व्यापार करने का आरोप लगाया गया। रूस के साथ व्यापार करने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा अमेरिका के द्वारा की गई। इस तरह अमेरिका के द्वारा भारत के प्रति दिखाई जा रही नफरत के कारण भारत ने भी इसका कड़ा विरोध करने का फैसला लिया। इसके बाद भारत ने चीन के साथ संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी।

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