Bagram Airbase को लेकर ट्रंप ने अफगानिस्तान को चेताया। तालिबान और चीन ने किया विरोध। एयरबेस पर कब्जा अमेरिका के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।

अमेरिका पर टैरिफ घटाने को तैयार भारत लेकिन अब हो चुकी देर : ट्रंप

India US Tariff : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा टैरिफ के मुद्दे पर भारत को लेकर टारगेट किया जा रहा है। एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि भारत के द्वारा अब स्थिति पहचान के बाद अमेरिका पर टैरिफ कम करने की तैयारी की गई है लेकिन अब काफी देर हो चुकी है। भारत को अमेरिका पर लगाए जाने वाला टैरिफ पहले ही कम कर देना चाहिए था। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को उन्होंने एक तरफ़ा करार देते हुए कहा कि अमेरिका को भारत के द्वारा बड़े स्तर पर सामान बेचा जाता है लेकिन इसके बावजूद भारत अमेरिका का बहुत कम समान खरीद रहा है।

भारत के टैरिफ से सामान बेचना हो रहा मुश्किल -ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के द्वारा अमेरिका के सामान पर काफी अधिक मात्रा में टैरिफ लगाया गया है। अधिक टैरिफ के कारण अमेरिका की कंपनियों को भारत में सामान बेचना काफी मुश्किल हो रहा है। भारत के द्वारा अत्यधिक टैरिफ के कारण यह पूरी तरह से एक तरफ़ा संकट है। रूस के साथ व्यापार को लेकर उन्होंने कहा कि ज्यादातर तेल तथा सुरक्षा उपकरणों की खरीद भारत के द्वारा अमेरिका से नहीं की जाती बल्कि वह ऐसे व्यापार रूस से करता है। उन्होंने इस समस्या को काफी पुरानी करार दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह बयान ऐसे समय पर दिया गया है जब भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा लगातार अमेरिका का विरोध किया जा रहा है। भारत अमेरिका से रिश्ते तनावपूर्ण होने के बाद लगातार चीन तथा रूस के साथ नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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अमेरिका के द्वारा लगातार रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए अमेरिका के द्वारा विभिन्न हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। अमेरिका के द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेन्स ने कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ रूस पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। युद्ध किसी के भी हित में नहीं है। इसलिए हम लगातार आक्रामक कूटनीति का सहारा ले रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में रूस पर दबाव बनाने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

कम या ज्यादा हो सकता है टैरिफ

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने रूस यूक्रेन युद्ध पर बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका के द्वारा लगातार रूस को शांति के रास्ते पर लाने की कोशिश की जा रही है। अगर रूस के साथ चल रही वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है तो आने वाले समय में विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ कम किया जा सकता हैं लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो विभिन्न देशों पर टैरिफ की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। अमेरिका के द्वारा लगातार यूक्रेन का साथ देने को लेकर उपाद किया जा रहा है। यूक्रेन अमेरिका तथा यूरोप के दूसरे देशों से सुरक्षा की गारंटी की मांग कर रहा है। इसे देखते हुए ही रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत करते हुए अमेरिका यह कोशिश कर रहा है कि वर्तमान में चल रही जंग को खत्म करने के साथ-साथ यह युद्ध भविष्य में फिर नहीं हो इसके लिए रास्ता निकाला जाए।

India US Tariff विवाद पर ट्रंप ने भारत को टारगेट किया। रूस से तेल खरीद और मुनाफाखोरी पर उठाए सवाल, भारत-अमेरिका रिश्तों में बढ़ा तनाव।
India US Tariff विवाद पर ट्रंप ने भारत को टारगेट किया। रूस से तेल खरीद और मुनाफाखोरी पर उठाए सवाल, भारत-अमेरिका रिश्तों में बढ़ा तनाव।
‘तेल खरीद से रूस को मिल रहा पैसा’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड सलाहकार ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत के द्वारा बड़े स्तर पर रूस से व्यापार किया जा रहा है। कच्चे तेल की खरीद करते हुए भारतीय कंपनियों के द्वारा उसे रिफाइन करने के बाद महंगे दाम पर बेचा जा रहा है। इस तरह युद्ध में रूस को आर्थिक समर्थन मिल रहा है। दूसरी तरफ भारत लगातार मुनाफा कमा रहा है। भारत अमेरिका को सामान बेचकर जो पैसा मिलता है उस से रूसी तेल खरीदने का कार्य कर रहा है। उन्होंने बड़ा दावा किया कि रूस और यूक्रेन युद्ध में शांति का रास्ता भारत से होकर गुजरता है। अगर देखा जाए तो भारत को रूस के तेल की आवश्यकता नहीं है लेकिन मुनाफा कमाने के कारण भारत के द्वारा ऐसा किया जा रहा है।

अमेरिकी टैरिफ के बाद रूस से बढ़ रही नजदीकी

हाल ही में अमेरिका के द्वारा भारत पर बड़ी मात्रा में टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है। भारत पर अमेरिका के द्वारा 25% टैरिफ लगाने के साथ जुर्माने के रूप में 25% अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया गया है। अमेरिका का आरोप है कि भारत के द्वारा रूस यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस से व्यापार किया जा रहा है। रूस के साथ हो रही इस व्यापार का फायदा रूस को युद्ध में मिल रहा है। रूस को व्यापार के कारण आर्थिक मदद प्राप्त हो रही है। इसके बाद लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। कभी एक दूसरे के काफी नजदीक रहे भारत और अमेरिका लगातार एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत ने भी अमेरिका के सामने झुकने से इनकार कर दिया है और वह लगातार चीन जापान तथा रूस जैसे देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत बनाने पर ध्यान दे रहा है।

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