Indus Water Treaty : चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दुनिया के विभिन्न नेता चीन पहुंचे। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सहबाज़ शरीफ भी शंघाई सहयोग संगठन के समिट में शामिल हुए। एक तरफ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे को लेकर बैठक में समर्थन की मांग की। दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के द्वारा भारत पर निशाना साधा गया। उन्होंने बैठक में कहा कि पाकिस्तान के द्वारा क्षेत्रीय शांति और सहयोग पर कार्य किया जाता है। लगातार हम अपने पड़ोसी देशों की अखंडता और संप्रभुता का सम्मान करते रहे हैं। इसके बावजूद पिछले कुछ समय से लगातार हमारे क्षेत्र में परेशान करने वाली घटनाएं हो रही हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का इशारा भारत की तरफ था।
पानी के हिस्से तक बने उचित पहुंच -शरीफ
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संगठन की बैठक में संबोधन देते हुए कहा कि सभी शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों को एक दूसरे के साथ चल रहे समझोतो का पालन करना चाहिए। सिंधु जल समझौते के तहत भारत के व्यवहार का उनके द्वारा जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन के सुचारू कामकाज को मजबूत करने के लिए पानी के उचित हिस्से तक पहुंच जरूरी है। भारत के द्वारा पाकिस्तान से तनाव पैदा होने के बाद में सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था।
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पाकिस्तान में बाढ़ का किया जिक्र
पाक प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन में संबोधन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में इस समय बाढ़ से हालात बेकाबू है। अचानक आई बाढ़ के कारण विभिन्न स्तर पर नुकसान झेलना पड़ा है। पाकिस्तान सरकार के द्वारा लगातार लोगों की सहायता के लिए कोशिश की जा रही है। उन्होंने पाकिस्तान और चीन के आर्थिक सहयोग से बना रहे गलियारे को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूरा होने पर पाकिस्तान और चीन के बीच कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तर पर होने वाला आदान-प्रदान काफी आसान हो जाएगा। पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक गलियारे को शुरू करने को लेकर हाल ही में सहमति बनी थी।
भारत स्थगित कर चुका सिंधु जल संधि
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सिंधु जल संधि चली आ रही थी लेकिन कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान को लेकर कठोर निर्णय लिए गए थे। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे। कई दिनों तक युद्ध की स्थिति बने रहने के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। इसी दौरान भारत के द्वारा सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। भारत के द्वारा सिंधु तथा इससे जुड़ी दूसरी नदियों के जल प्रभाव का आंकड़ा पाकिस्तान को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में जल की समस्या और भी अधिक गहरा गई है। पाकिस्तान के द्वारा इसे लेकर लगातार भारत से गुहार की जा रही है लेकिन भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी गतिविधियों को संचालित करने के कारण पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बढ़ती जाएगी।
भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे हैं। पहलगाम हमला हो जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनातनी जारी है। भारत के द्वारा सिंधु जल समझौते को रद्द किया जा चुका है। जम्मू में हो रही भयंकर बारिश के कारण पाकिस्तान में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। इसे लेकर पाकिस्तान के द्वारा भारत पर आरोप लगाए गए हैं। पाकिस्तान सरकार के मंत्री के द्वारा बयान दिया गया कि भारत के द्वारा पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। अपने बांधों से जानबूझकर भारत के द्वारा पानी छोड़ा जा रहा है जिससे पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सके। इससे पहले भारत के द्वारा पाकिस्तान को बाढ़ की चेतावनी जारी की गई थी। सिंधु जल समझौता रद्द होने के बावजूद भारत के द्वारा बड़ा दिल दिखाते हुए पाकिस्तान को बाढ़ की चेतावनी दी गई थी।
बाढ़ से हजारों एकड़ जमीन डूबी
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वर्तमान में भयंकर बाढ़ आई हुई है। इसे लेकर पाकिस्तान के मंत्री के द्वारा भारत पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने बिना किसी जानकारी के कई नदियों का पानी अचानक छोड़ दिया है। चिनाब रावी और सतलुज नदियों में अचानक आई बाढ़ के पानी को पाकिस्तान की तरफ छोड़ने के कारण पाकिस्तान में हजारों एकड़ जमीन पानी में डूब गई है। इस बाढ़ में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।
‘पानी को राजनीति से अलग रखें भारत’
पाकिस्तान के द्वारा लगातार भारत पर विभिन्न तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। पाकिस्तान के मंत्री ने पंजाब प्रांत में आई बाढ़ के मुद्दे को लेकर कहा कि भारत की तरफ से पानी छोड़ना एक खराब रणनीति का हिस्सा है। भारत के द्वारा लगातार नदियों में पानी को रोका जा रहा था फिर अचानक इसे छोड़ दिया जाता है। अचानक पानी छोड़ने के कारण पाकिस्तान में बड़े स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है। भारत को पानी को राजनीति से अलग रखना चाहिए। पाकिस्तान के मंत्री के द्वारा भारत पर पानी छोड़ने की जानकारी नहीं देने का भी आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा है कि यह अच्छा नहीं है। पाकिस्तान के मंत्री के द्वारा यह आरोप ऐसे समय में लगाया गया है जब भारत के द्वारा पहले ही पाकिस्तान को अलर्ट जारी कर दिया गया था।

कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान को लेकर कठोर कदम उठाए गए थे। भारत ने लंबे समय से चल रहे सिंधु जल समझौते को भी रद्द कर दिया था। सिंधु जल समझौते के रद्द होने के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं की जा रही थी लेकिन भारत सरकार के द्वारा इंसानियत के आधार पर पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दी गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान को जानकारी उपलब्ध कराई गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक पाकिस्तान को यह सूचना मानवीय सहायता के आधार पर दी गई है। आमतौर पर किसी भी बाढ़ से जुड़ी हुई चेतावनी भारत और पाकिस्तान के वाटर कमिश्नर के द्वारा आदान-प्रदान की जाती थी लेकिन ऑपरेशन सिन्दूर के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग बंद है।
पाकिस्तानी मीडिया कर रहा गलत दावा
भारत के द्वारा पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दिए जाने के बाद पाकिस्तान में तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि भारत के द्वारा सिंधु जल संधि के तहत ही पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद को भारत के द्वारा 24 अगस्त को यह जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसमें जम्मू की तवी नदी में बाढ़ की संभावना जताई गई थी। कश्मीर में लगातार भारी बारिश देखने को मिल रही है। जम्मू और कश्मीर में हो रही भारी बारिश के कारण पाकिस्तान में बाढ़ की संभावना है।






