China Temple Scandal में महंत पर महिलाओं से अवैध संबंध, बच्चों का पिता होने और संपत्ति घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे, बौद्ध संघ ने दीक्षा रद्द की।

नाजायज बच्चों के पिता होने के आरोप में चीन ने मंदिर के महंत को किया बर्खास्त

China Temple Scandal : चीन में एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है। चीन की सरकार के द्वारा एक प्रसिद्ध मंदिर के महंत को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मंदिर के महंत पर आरोप है कि उसके द्वारा महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखे जाते हैं और वह कई नाजायज बच्चों के पिता है। इसी के साथ-साथ उन पर संपत्ति और फंड के गबन का आरोप भी लगाया जाता है। संगीन आरोपों को देखते हुए चीन सरकार के द्वारा उन्हें बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया। बौद्ध संघ के द्वारा भी इस मंदिर के महंत की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। लगातार उन पर लगे आरोपों की जांच विभिन्न एजेंसियों के द्वारा की जा रही है। बौद्ध संघ के द्वारा उनका दीक्षा प्रमाण पत्र भी छीन लिया गया है और बड़े स्तर पर चीन में इस मामले की चर्चा की जा रही है। इससे पहले भी इन पर कई बार महिलाओं के साथ नाजायज संबंध के आरोप लग चुके हैं।

2015 में उनके एक शिष्य के द्वारा महिलाओं के साथ नाजायज संबंध बनाए जाने की शिकायत की गई थी। उनका आरोप था कि उनकी कई अवैध संतान भी मौजूद हैं। हालांकि उनके द्वारा इन आरोपों को नकारा गया था और कहा था कि यह आरोप आधारहीन और झूठे हैं। मंदिर के महंत पर आरोप है कि उनके द्वारा लगातार इस धार्मिक स्थल के बजाय एक व्यावसायिक संस्थान की तरह चलाया जा रहा है। इस मंदिर के नाम का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्म, टीवी शो तथा वीडियो गेम्स में किया जा रहा है। इस प्रयोग का उद्देश्य प्रचार प्रसार और पैसे कमाने को माना गया। 2015 में इस मंदिर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। लगभग 30 करोड डॉलर की लागत से एक विशाल मंदिर बनाने की योजना सामने आई थी।

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बौद्ध समुदाय की प्रतिष्ठा को पहुंचा नुकसान संघ

बौद्ध संघ के द्वारा चीन में मंदिर के महंत को बर्खास्त कर देने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। उनके द्वारा सोमवार को इस महंत से दीक्षा प्रमाण पत्र छीन लिया गया है। जबकि संघ के द्वारा दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि बौद्ध समुदाय की प्रतिष्ठा और छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। आपको बता दे की जिस महंत को फिलहाल बर्खास्त किया गया है उन्हें साल 1981 में मंदिर में प्रवेश दिया गया था। जबकि मंदिर का प्रमुख महंत उन्हें 1999 में बनाया गया था। लंबे समय से इन पर आरोप लग रहा था कि उनके द्वारा सिद्धांतों का खुले तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है। मामले की लगातार जांच की जा रही है। जांच करने वाले अधिकारियों का कहना है की जांच होने के बाद जानकारी सामने आ पाएगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती जाएगी जनता को इससे जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।

मंदिर से जुड़े हुए हैं लाखों लोग

जिस मंदिर के महंत को चीन के द्वारा बर्खास्त किया गया है। वह मंदिर चीन में काफी बड़े स्तर पर लोकप्रिय है। दुनिया भर में अपनी परंपरा के लिए यह जाना जाता है। हर साल देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु इस बौद्ध धर्म के मंदिर को देखने के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर को वर्तमान में आधुनिक बिजनेस मॉडल में बदल दिया गया है। जिसके चलते उनके मठाधीश को सीईओ मोंक के नाम से जाना जाता है। उनके नेतृत्व में लगातार विदेश में विभिन्न स्कूल खोलने और भिक्षुओं का ग्रुप बनाने का कार्य किया जा रहा है।

China Temple Scandal में महंत पर महिलाओं से अवैध संबंध, बच्चों का पिता होने और संपत्ति घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे, बौद्ध संघ ने दीक्षा रद्द की।
China Temple Scandal में महंत पर महिलाओं से अवैध संबंध, बच्चों का पिता होने और संपत्ति घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगे, बौद्ध संघ ने दीक्षा रद्द की।
पहले भी लगे थे महिलाओं को लेकर आरोप

इससे पहले भी इन पर कई बार महिलाओं के साथ नाजायज संबंध के आरोप लग चुके हैं। 2015 में उनके एक शिष्य के द्वारा महिलाओं के साथ नाजायज संबंध बनाए जाने की शिकायत की गई थी। उनका आरोप था कि उनकी कई अवैध संतान भी मौजूद हैं। हालांकि उनके द्वारा इन आरोपों को नकारा गया था और कहा था कि यह आरोप आधारहीन और झूठे हैं। शिकायत होने के बाद जब इनकी जांच की गई तो कोई सबूत नहीं मिले। जिसके कारण मामले को खारिज कर दिया गया था। लगातार विवादों में रहने वाले इस मंदिर के महंत पर बाद में संपत्ति का दुरुपयोग करने और व्यक्तिगत लाभ लेने के आरोप भी लगे थे। नकली रसीद तथा अन्य आरोपों को लेकर भी बाद में किसी तरह के सबूत हाथ नहीं लग पाने के कारण एक बार फिर उन्हें मामले में निर्दोष साबित किया गया।

मंदिर को बनाया व्यावसायिक संस्था

मंदिर के महंत पर आरोप है कि उनके द्वारा लगातार इस धार्मिक स्थल के बजाय एक व्यावसायिक संस्थान की तरह चलाया जा रहा है। इस मंदिर के नाम का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्म, टीवी शो तथा वीडियो गेम्स में किया जा रहा है। इस प्रयोग का उद्देश्य प्रचार प्रसार और पैसे कमाने को माना गया। 2015 में इस मंदिर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। लगभग 30 करोड डॉलर की लागत से एक विशाल मंदिर बनाने की योजना सामने आई थी। बताया जा रहा है कि इसके लिए 1200 हेक्टेयर जमीन भी खरीदी गई थी। परियोजना में मंदिर के साथ-साथ होटल स्कूल और एक गोल्फ कोर्स का निर्माण करना था। हालाँकि यह सामने आने के बाद इसकी काफी आलोचना की गई थी और मंदिर ट्रस्ट की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया था कि इस परिसर का इस्तेमाल सिर्फ ध्यान और खेती करने के लिए ही किया जाएगा।

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