India China Relations: अमेरिका से नाराजगी के बीच भारत और चीन के रिश्ते सुधर रहे हैं। मोदी-जिनपिंग मुलाकात से नए सहयोग की शुरुआत हुई है।

चीन और रूस के साथ भारत की नजदीकी से अमेरिका को एतराज

India China Relations : अमेरिका के द्वारा भारत के साथ किये जा रहे बर्ताव के बाद भारत ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अमेरिका के सामने झुकने की बजाय अब वह चीन तथा रूस को प्राथमिकता दे रहा है। शंघाई सहयोग संगठन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसी दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी भारतीय प्रधानमंत्री मोदी मिले। चीन के राष्ट्रपति भारतीय प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति की मुलाकात के कारण अमीरीका में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका ने रूस भारत और चीन के एक साथ होने पर एतराज जताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार का मानना है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुतिन और जिनपिंग के साथ होने की वजह से अमेरिका के साथ खड़ा होना चाहिए। मोदी का पुतिन और जिनपिंग के साथ खड़ा होना शर्मनाक है। पता नहीं ऐसा वह किस सोच के साथ कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही भारत के द्वारा रूस की बजाय अमेरिका का साथ दिया जाएगा।

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लगातार सुधर रहे भारत चीन रिश्ते

भारत और चीन के रिश्तों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। कभी एक दूसरे के विरोधी रहे भारत और चीन लगातार एक दूसरे के सहयोगी के रूप में कदम बढ़ा रहे हैं। 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से लगभग 5 साल बाद मुलाकात की थी। उनकी यह मुलाकात रूस में हुई थी। इस मुलाकात के बाद भारत और चीन के द्वारा पूर्वी लद्दाख से अपने सैनिकों को हटाने का निर्णय लिया गया था। सैनिकों की वापसी के बाद नवंबर 2024 में पहली बार देखा गया जब दोनों देशों की सेनाओ के द्वारा गस्त की गई। जनवरी 2025 में भारत के विदेश सचिव ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद भारत और चीन के बीच सीधी वायु सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी 5 साल बाद फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया। जुलाई 2025 में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की। चीन के पर्यटकों को इसके बाद भारत के द्वारा वीजा देना शुरू कर दिया गया और अब 31 अगस्त 2025 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन दौरा करने जा रहे हैं।

अमेरिका से नाराजी ने चीन से बढ़ाई नजदीकी

भारत और चीन के बीच भी लंबे समय से तनाव जारी है। सीमा विवाद तथा दूसरे कारणों से भारत और चीन लगातार एक दूसरे के खिलाफ दिखाई देते हैं लेकिन हाल ही में अमेरिका के द्वारा अपनाए गए रास्ते के कारण भारत की अमेरिका से दूरी लगातार बढ़ती गई है जबकि चीन से संबंधों में सुधार हो रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा लगातार उठाये जा रहे कदमों का भारत के द्वारा विरोध किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार ऑपरेशन सिन्दूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए संघर्ष को लेकर बयान दिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया था। डोनाल्ड ट्रंप अपने इस बयान को लगातार दोहरा रहे हैं। दूसरी तरफ भारत के द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। भारत के द्वारा अमेरिका की मध्यस्थता को स्वीकार करने से भी साफ इनकार कर दिया गया था। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा भारत पर रूस के साथ व्यापार करने का आरोप लगाया गया। रूस के साथ व्यापार करने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा अमेरिका के द्वारा की गई। इस तरह अमेरिका के द्वारा भारत के प्रति दिखाई जा रही नफरत के कारण भारत ने भी इसका कड़ा विरोध करने का फैसला लिया। इसके बाद भारत ने चीन के साथ संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी।

India China Relations: अमेरिका से नाराजगी के बीच भारत और चीन के रिश्ते सुधर रहे हैं। मोदी-जिनपिंग मुलाकात से नए सहयोग की शुरुआत हुई है।
India China Relations: अमेरिका से नाराजगी के बीच भारत और चीन के रिश्ते सुधर रहे हैं। मोदी-जिनपिंग मुलाकात से नए सहयोग की शुरुआत हुई है।

एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगातार दुनिया के दूसरे देशों को टैरिफ के दम पर झुकाया जा रहा है। कुछ देशों के द्वारा इसका मुखर विरोध भी किया जा रहा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर लगातार स्थिति बदलती नजर आ रही है। कई देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लगातार नाराज हैं। इसीलिए अमेरिका से उनके रिश्तों में तनाव बना हुआ है। दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति इस मौके को शानदार तरीके से उठाते हुए दिख रहे हैं। ट्रंप से नाराजगी के बीच जिनपिंग के द्वारा अपनी ताकत का नजारा पेश किया जा रहा है। शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग में दुनिया के विभिन्न देशों के बड़े नेता शामिल हुए। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लंबे समय पश्चात चीन दौरे पर पहुंचे। अमेरिका से भारत तथा रूस जैसे देश इस समय दूर है और इसका मौका जिनपिंग उठाने वाले हैं।

एक दूसरे के करीब आ रहे हैं भारत चीन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के कारण भारत तथा चीन इस समय अमेरिका से नाराज हैं। दुनिया की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश भारत और चीन लगातार एक दूसरे के संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन पहुंचने पर चीन के राष्ट्रपति के द्वारा उनसे मुलाकात की गई। साथ ही मोदी का रेड कारपेट से स्वागत किया गया। भारत और चीन दोनों पर ही अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है।वैश्विक स्तर पर लगातार परिदृश्य बदलता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका के द्वारा लगातार विभिन्न देशों को टैरिफ का दबाव दिखाया जा रहा है।

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