India China Russia की जुगलबंदी SCO में छाई रही। मोदी, पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात से अमेरिका चिंतित, रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।

SCO में छायी रूस, भारत और चीन की जुगलबंदी

India Russia China : चीन में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन में रोचक नजारा देखने को मिल रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। लंबे समय बाद भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा चीन का दौरा किया गया है। गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच संघर्ष होने के बाद मोदी का यह पहला चीन द्वारा है। जिनपिंग से मुलाकात के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात की। रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग को एक साथ चर्चा करते हुए देखा गया। चीन रूस तथा भारत की जुगलबंदी की चर्चा चारों तरफ हो रही है। अमेरिका से चल रही तनातनी के बीच अब इन तीनों देशों के आपसी संबंधों को लेकर नज़रें टिकी हुई है। तीनों नेताओं ने एक साथ चर्चा करने के साथ-साथ द्विपक्षीय चर्चा भी की। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ तीनों देशों की एकता को अलग दृष्टि से देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के सामने भविष्य में विकल्प के तौर पर संगठन खड़ा किया जा सकता है।

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पुतिन और मोदी ने 1 घंटे तक की कार में बातचीत

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच शंघाई सहयोग संगठन के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने एक ही गाड़ी में बैठकर लगभग 1 घंटे तक सीक्रेट बातचीत की। पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन एक ही गाड़ी में बैठकर होटल पहुंचे थे। होटल पहुंचने के बावजूद वह गाड़ी में बैठकर चर्चा करते हुए नजर आए। सभी नेताओं के साथ फोटो सेशन होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी पुतिन और जिनपिंग को एक साथ देखा गया। तीनों नेता एक साथ सत्र को संबोधित करने के लिए भी पहुंचे। रूस के राष्ट्रपति पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिली। जिस समय पुतिन, जिनपिंग और मोदी की मुलाकात चल रही थी उस समय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक टक होकर इन्हें देख रहे थे।

पुतिन की भारत यात्रा को लेकर हुई चर्चा

वर्ष के अंत तक रूस के राष्ट्रपति पुतिन भारत दौरे पर आने वाले हैं। शंघाई सहयोग संगठन के दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच इस दौरे को लेकर चर्चा हुई। रूस के राष्ट्रपति की कार में बैठकर मोदी और पुतिन ने लंबी चर्चा की। मीडिया जगत में दोनों नेताओं के बीच हुई सीक्रेट चर्चा की लगातार सुर्खियां चल रही है। माना जा रहा है कि उनके द्वारा बेहद ही गोपनीय मुद्दे पर बातचीत की गई। रूस के डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के अध्यक्ष के द्वारा भारत में रूस के द्वारा जल्द ही बड़े निवेश का ऐलान किया गया।

मोदी से मुलाकात पर पुतिन ने जताई खुशी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन की मुलाकात होने के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन के द्वारा खुशी जाहिर की गई। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ईस्ट तथा ग्लोबल साउथ देश को एक साथ लाने का अच्छा जरिया है। आगामी समय में 21 दिसंबर 2025 को भारत और रूस के संबंधों की रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे हो जाएंगे। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच बहु आयामी रिश्ते लगातार जारी है और आने वाले समय में इन रास्तों को और मजबूत किया जाएगा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रूस पर बयान देते हुए कहा कि हमेशा कठिन परिस्थितियों में भारत और रूस के संबंध मजबूत रहे हैं। दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया है। दोनों देश न सिर्फ एक दूसरे के लिए बल्कि वैश्विक शांति स्थिरता और समृद्धि के लिए भी कार्य करते हैं। रूस यूक्रेन युद्ध पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस विवाद का स्थाई हल होना चाहिए। भारत और रूस के द्वारा लगातार इस संघर्ष पर चर्चा की जा रही है। मानवता की मांग के आधार पर जल्द से जल्द स्थाई शांति का समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए।

India Russia China की शंघाई सहयोग संगठन में मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी। मोदी पुतिन जिनपिंग की नजदीकी से अमेरिका चिंतित है।
India Russia China की शंघाई सहयोग संगठन में मुलाकात ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी। मोदी पुतिन जिनपिंग की नजदीकी से अमेरिका चिंतित है।
चीन और रूस के साथ भारत की नजदीकी से अमेरिका को एतराज

अमेरिका के द्वारा भारत के साथ किये जा रहे बर्ताव के बाद भारत ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अमेरिका के सामने झुकने की बजाय अब वह चीन तथा रूस को प्राथमिकता दे रहा है। शंघाई सहयोग संगठन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इसी दौरान रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी भारतीय प्रधानमंत्री मोदी मिले। चीन के राष्ट्रपति भारतीय प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति की मुलाकात के कारण अमीरीका में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका ने रूस भारत और चीन के एक साथ होने पर एतराज जताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार का मानना है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुतिन और जिनपिंग के साथ होने की वजह से अमेरिका के साथ खड़ा होना चाहिए। मोदी का पुतिन और जिनपिंग के साथ खड़ा होना शर्मनाक है। पता नहीं ऐसा वह किस सोच के साथ कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही भारत के द्वारा रूस की बजाय अमेरिका का साथ दिया जाएगा।

लगातार सुधर रहे भारत चीन रिश्ते

भारत और चीन के रिश्तों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। कभी एक दूसरे के विरोधी रहे भारत और चीन लगातार एक दूसरे के सहयोगी के रूप में कदम बढ़ा रहे हैं। 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के राष्ट्रपति से लगभग 5 साल बाद मुलाकात की थी। उनकी यह मुलाकात रूस में हुई थी। इस मुलाकात के बाद भारत और चीन के द्वारा पूर्वी लद्दाख से अपने सैनिकों को हटाने का निर्णय लिया गया था। सैनिकों की वापसी के बाद नवंबर 2024 में पहली बार देखा गया जब दोनों देशों की सेनाओ के द्वारा गस्त की गई। जनवरी 2025 में भारत के विदेश सचिव ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद भारत और चीन के बीच सीधी वायु सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी 5 साल बाद फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया। जुलाई 2025 में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात की। चीन के पर्यटकों को इसके बाद भारत के द्वारा वीजा देना शुरू कर दिया गया और अब 31 अगस्त 2025 को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन दौरा करने जा रहे हैं।

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