India US Relations : भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से महत्वपूर्ण संबंध रहे हैं लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के पहलगाम में हमला हो जाने के बाद रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद हुए संघर्ष विराम तथा टैरिफ के मुद्दे को लेकर लगातार भारत और अमेरिका के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत के खिलाफ बयान बाजी कर रहे हैं। रूस के साथ व्यापार करने के कारण भारत पर 50% टैरिफ भी लगाया जा चुका है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को सबसे खास बताया है। अमेरिका की विदेश मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की सबसे खास साझेदारी भारत और अमेरिका की साझेदारी है। दोनों देशों को द्वारा नई संभावना लोगों की तरक्की पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा कारोबार तकनीक तथा आपसी रिश्तों से लगातार भारत और अमेरिका की दोस्ती मजबूत होती जा रही है।
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ट्रंप के सलाहकार का बयान -रूस के तेल से भारत के ब्राह्मण कमा रहे मुनाफा
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प्यार और विश्वास से चलती है दोस्ती -रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि दो देशों के बीच दोस्ती हमेशा प्यार और विश्वास के कारण ही आगे बढ़ पाती है। भारत और अमेरिका के बीच अच्छी ट्यूनिंग होने के कारण दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हैं। दोनों देशों के द्वारा मिलकर ही अलग-अलग क्षेत्र में मौको की तलाश की जा रही है। रक्षा क्षेत्र तकनीक तथा संस्कृत में भारत और अमेरिका लगातार एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। लगातार बदलते परिदृश्य में भारत चीन तथा रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री के द्वारा दिए गए इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा भारत के साथ किये जा रहे बर्ताव का विरोध न सिर्फ भारत के द्वारा किया जा रहा है बल्कि अमेरिका में भी ट्रंप को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका में विभिन्न लोगों का मानना है कि लंबे समय से भारत और अमेरिका एक दूसरे के खास रहे हैं लेकिन डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण अब दोनों देशों के रिश्तों में दरार आ रही है।
रूस के तेल से भारत के ब्राह्मण कमा रहे मुनाफा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार ने एक बार फिर भारत के ऊपर बयान दिया है। अमेरिका के द्वारा रूस से व्यापार करने के कारण भारत पर अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की जा चुकी है। भारत पर अब तक अमेरिका के द्वारा कुल 50% टैरिफ लगाया जा चुका है। डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार ने कहा कि भारतीय ब्राह्मण के द्वारा मुनाफाखोरी की जा रही है। भारतीय ब्राह्मण रस से तेल खरीदने के बाद मुनाफा कमा रहे हैं जिसका खामियाजा पूरे भारत को उठाना पड़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो इस से पहले भी अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को उचित बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि रूस से तेल खरीदने के कारण भारत के द्वारा रूस को पैसे दिए जा रहे हैं जिसका उपयोग रूस के द्वारा यूक्रेन पर हमले में किया जा रहा है। इसीलिए भारत पर सर्वाधिक टैरिफ लगाया गया है। रूस से हो रहे व्यापार का नुकसान अमेरिका या रूस को नहीं बल्कि भारत को हो रहा है। यह बात भारत को जल्द से जल्द समझने की कोशिश करनी चाहिए।

भारत को बताया ‘रूस की धुलाई मशीन’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार ने भारत को रूस की धुलाई मशीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के द्वारा लगातार अमेरिका से दूरी बनाई जा रही है। भारत लगातार वैश्विक स्तर पर व्यापार असंतुलन पैदा कर रहा है। व्यापार असंतुलन पैदा करने के साथ-साथ भारत के द्वारा ऐसे देश के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया जा रहा है जो अमेरिका के खिलाफ है। दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत को माना जाता है। ऐसे में चीन और रूस से संबंध बनाने पर दुनिया में अशांति पैदा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि रूस के कम्युनिस्ट से आखिर प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा हाथ क्यों मिलाया जा रहा है यह समझ से बाहर है।
एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगातार दुनिया के दूसरे देशों को टैरिफ के दम पर झुकाया जा रहा है। कुछ देशों के द्वारा इसका मुखर विरोध भी किया जा रहा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर लगातार स्थिति बदलती नजर आ रही है। कई देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लगातार नाराज हैं। इसीलिए अमेरिका से उनके रिश्तों में तनाव बना हुआ है। दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति इस मौके को शानदार तरीके से उठाते हुए दिख रहे हैं। ट्रंप से नाराजगी के बीच जिनपिंग के द्वारा अपनी ताकत का नजारा पेश किया जा रहा है। शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग में दुनिया के विभिन्न देशों के बड़े नेता शामिल हुए। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लंबे समय पश्चात चीन दौरे पर पहुंचे। अमेरिका से भारत तथा रूस जैसे देश इस समय दूर है और इसका मौका जिनपिंग उठाने वाले हैं।
एक दूसरे के करीब आ रहे हैं भारत चीन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के कारण भारत तथा चीन इस समय अमेरिका से नाराज हैं। दुनिया की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश भारत और चीन लगातार एक दूसरे के संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन पहुंचने पर चीन के राष्ट्रपति के द्वारा उनसे मुलाकात की गई। साथ ही मोदी का रेड कारपेट से स्वागत किया गया। भारत और चीन दोनों पर ही अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है।वैश्विक स्तर पर लगातार परिदृश्य बदलता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका के द्वारा लगातार विभिन्न देशों को टैरिफ का दबाव दिखाया जा रहा है।






