India US Relations पर तनाव के बावजूद अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों देश अंततः एक साथ खड़े होंगे। 50% टैरिफ विवाद के बीच समझौते की उम्मीद जताई।

‘अमेरिका से भारत का हो सकता है अच्छा समझौता’; अमेरिका के वित्त मंत्री ने दिया बयान

India US Relations : भारत और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के बीच अमेरिका के वित्त मंत्री के द्वारा बड़ा दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच जल्दी ही एक अच्छा समझौता हो सकता है। भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय परिवर्तन से गुजर रहे हैं लेकिन फिर भी उन्हें भरोसा है कि दोनों देश अंत में एक साथ खड़े होंगे। अमेरिका के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा की जा चुकी है। अमेरिका का आरोप है कि रूस यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत के द्वारा रूस से व्यापार किया जा रहा है। भारत पर लगाया गया टैरिफ अमेरिका के द्वारा दुनिया के विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ से अधिक है। इसे लेकर भारत के विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका के द्वारा भारत को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है जबकि कई दूसरे देशों के द्वारा भी रूस के साथ तेल का व्यापार किया जा रहा है।

‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था आएंगे एक साथ’

अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत को लेकर बयान देते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसे में मुझे पूरा विश्वास है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था आने वाले समय में एक साथ दिखाई देंगे। अमेरिका के वित्त मंत्री के द्वारा यह बयान भारत के विदेश मंत्री के द्वारा दिए गए बयान के सवाल पर दिया गया। अमेरिका के द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बयान दिया था कि अमेरिका को दिक्कत है तो वह भारत से रिफाइन तेल खरीदना बंद कर दे।

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रूस से सौदे बंद करने पर भारत पर बंद होगा अतिरिक्त टैरिफ

अमेरिका के द्वारा लगातार रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए अमेरिका के द्वारा विभिन्न हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। अमेरिका के द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेन्स ने कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ रूस पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। युद्ध किसी के भी हित में नहीं है। इसलिए हम लगातार आक्रामक कूटनीति का सहारा ले रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में रूस पर दबाव बनाने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

 

कम या ज्यादा हो सकता है टैरिफ

अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने रूस यूक्रेन युद्ध पर बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका के द्वारा लगातार रूस को शांति के रास्ते पर लाने की कोशिश की जा रही है। अगर रूस के साथ चल रही वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है तो आने वाले समय में विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ कम किया जा सकता हैं लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो विभिन्न देशों पर टैरिफ की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। अमेरिका के द्वारा लगातार यूक्रेन का साथ देने को लेकर उपाद किया जा रहा है। यूक्रेन अमेरिका तथा यूरोप के दूसरे देशों से सुरक्षा की गारंटी की मांग कर रहा है। इसे देखते हुए ही रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत करते हुए अमेरिका यह कोशिश कर रहा है कि वर्तमान में चल रही जंग को खत्म करने के साथ-साथ यह युद्ध भविष्य में फिर नहीं हो इसके लिए रास्ता निकाला जाए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा बार-बार दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध समाप्त करने का दावा किया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि उनके द्वारा अब तक कुल 7 युद्ध रोके जा चुके हैं। इन युद्धों में अमेरिका के द्वारा व्यापारिक दबाव का सहारा लिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह कहा गया कि हमारे कार्यकाल में कुल सात संभावित युद्धों को रोका गया जिनमें से चार युद्ध रोकने में व्यापारिक दबाव का सहारा लिया गया। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि व्यापारिक दबाव तथा टैरिफ के कारण अमेरिका को बड़ी कमाई प्राप्त हुई है। ट्रंप इससे पहले भारत और पाकिस्तान के युद्ध को समाप्त करने में भी व्यापार की भूमिका बता चुके हैं हालांकि भारत के द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

India US Relations पर तनाव के बावजूद अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों देश अंततः एक साथ खड़े होंगे। 50% टैरिफ विवाद के बीच समझौते की उम्मीद जताई।
India US Relations पर तनाव के बावजूद अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों देश अंततः एक साथ खड़े होंगे। 50% टैरिफ विवाद के बीच समझौते की उम्मीद जताई।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संबंधों पर बयान दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर विदेश मंत्री ने कहा अमेरिका से झगड़ा नहीं है। भारतीय किसान तथा छोटे उत्पादकों का ध्यान रखते हुए भारत सरकार लगातार अपने कदम आगे बढ़ा रही है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपने हित को देखते हुए इस पर फैसला लेगा। किसी भी देश के द्वारा मजबूर नहीं किया जा सकता। अमेरिका के द्वारा लगातार भारत पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि भारत कम दाम में कच्चा तेल खरीद कर उसे अधिक दाम में बेच रहा है। इस पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी देश को यदि भारत से तेल खरीद ने में समस्या है तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए।

अमेरिका के द्वारा लगातार भारत को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। अमेरिका का आरोप है क़ि भारत रूस के साथ यूक्रेन युद्ध के बावजूद व्यापार कर रहा है। लंबे समय से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध का असर दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा रहा है। भारत के ऊपर अमेरिका के द्वारा अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की गई थी। अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है। इसके बाद दुनिया के विभिन्न देशों के द्वारा इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी जा रही है। रूस और चीन के द्वारा टैरिफ के मुद्दे पर भारत का समर्थन करने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चीन रूस से तेल खरीदने के मामले में भारत से आगे है। फिर भी भारत पर ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। यह समझ से परे है।

भारतीय विदेश मंत्री ने यह बयान रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद दिया। भारतीय विदेश मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के साथ-साथ रूस के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इसके बाद एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन को भारत से बड़ा कच्चा तेल का खरीदार बताया। चीन के राजदूत ने भारत और चीन के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि इस समय दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत और चीन दो ऐसे देश है जो सिर्फ एशिया के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए इनकी दोस्ती फायदेमंद हो सकती है। एशिया की आर्थिक प्रगति के लिए भारत और चीन दो इंजन के रूप में कार्य कर रहे हैं। चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देगा।

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