India US Tariff : रूस यूक्रेन युद्ध टैरिफ तथा विभिन्न करने से लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि भारत के द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद की जा रही है। इससे रूस को आर्थिक मदद प्राप्त हो रही है जिसका उपयोग रूस के द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में किया जा रहा है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत बड़ा खिलाड़ी है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कच्चे तेल की खरीद पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसा करने से युद्ध मशीन को और ताकत प्रदान हो रही है। चीन में आयोजित हो रही शंघाई सहयोग संगठन की बैठक को उन्होंने दिखावा बताया। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति के साथ-साथ पुतिन की जुगलबंदी की चारों तरफ चर्चा हो रही है। चीन रूस तथा भारत के एक साथ आने के कारण अमेरिका को अब डर सताने लगा है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है। अमेरिका के साथ चल रहे विवादों को आपस में सुलझाया जा सकता है।
हॉकी एशिया कप में भारत ने जमाई जीत की हैट्रिक
चीन और रूस के साथ भारत की नजदीकी से अमेरिका को एतराज
पाकिस्तान का सहयोग करने के कारण भारत ले रहा बदला : अज़रबैजान
भारत और अमेरिका के रिश्ते सबसे खास : अमेरिकी विदेश मंत्री
धीमी बातचीत के कारण भारत पर लगा टैरिफ
अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत पर लगाए गए टैरिफ पर बयान देते हुए कहा कि भारत के द्वारा बातचीत में सक्रियता नहीं दिखाई गई। भारत लगातार सुस्त रवैया अपनाए हुए हैं। समय पर समझौता नहीं होने के कारण अमेरिका के द्वारा भारत द्वारा टैरिफ लगाया गया है। अमेरिका के द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने के साथ-साथ 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की जा चुकी है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय तक व्यापार समझौते को लेकर चर्चा होने के बावजूद समझौता नहीं हो सका। इसके बाद लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। भारत अब अमेरिका की बजाय चीन तथा रूस के साथ व्यापार करने पर जोर दे रहा है।
अमेरिका पर टैरिफ घटाने को तैयार भारत लेकिन अब हो चुकी देर : ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा टैरिफ के मुद्दे पर भारत को लेकर टारगेट किया जा रहा है। एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि भारत के द्वारा अब स्थिति पहचान के बाद अमेरिका पर टैरिफ कम करने की तैयारी की गई है लेकिन अब काफी देर हो चुकी है। भारत को अमेरिका पर लगाए जाने वाला टैरिफ पहले ही कम कर देना चाहिए था। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को उन्होंने एक तरफ़ा करार देते हुए कहा कि अमेरिका को भारत के द्वारा बड़े स्तर पर सामान बेचा जाता है लेकिन इसके बावजूद भारत अमेरिका का बहुत कम समान खरीद रहा है।
भारत के टैरिफ से सामान बेचना हो रहा मुश्किल -ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के द्वारा अमेरिका के सामान पर काफी अधिक मात्रा में टैरिफ लगाया गया है। अधिक टैरिफ के कारण अमेरिका की कंपनियों को भारत में सामान बेचना काफी मुश्किल हो रहा है। भारत के द्वारा अत्यधिक टैरिफ के कारण यह पूरी तरह से एक तरफ़ा संकट है। रूस के साथ व्यापार को लेकर उन्होंने कहा कि ज्यादातर तेल तथा सुरक्षा उपकरणों की खरीद भारत के द्वारा अमेरिका से नहीं की जाती बल्कि वह ऐसे व्यापार रूस से करता है। उन्होंने इस समस्या को काफी पुरानी करार दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह बयान ऐसे समय पर दिया गया है जब भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा लगातार अमेरिका का विरोध किया जा रहा है। भारत अमेरिका से रिश्ते तनावपूर्ण होने के बाद लगातार चीन तथा रूस के साथ नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका के द्वारा लगातार रूस यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए अमेरिका के द्वारा विभिन्न हथकंडे अपनाये जा रहे हैं। अमेरिका के द्वारा भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की जा चुकी है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेन्स ने कहा कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ रूस पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। युद्ध किसी के भी हित में नहीं है। इसलिए हम लगातार आक्रामक कूटनीति का सहारा ले रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में रूस पर दबाव बनाने के लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

कम या ज्यादा हो सकता है टैरिफ
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने रूस यूक्रेन युद्ध पर बातचीत करते हुए कहा कि अमेरिका के द्वारा लगातार रूस को शांति के रास्ते पर लाने की कोशिश की जा रही है। अगर रूस के साथ चल रही वार्ता में सकारात्मक प्रगति होती है तो आने वाले समय में विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ कम किया जा सकता हैं लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो विभिन्न देशों पर टैरिफ की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। अमेरिका के द्वारा लगातार यूक्रेन का साथ देने को लेकर उपाद किया जा रहा है। यूक्रेन अमेरिका तथा यूरोप के दूसरे देशों से सुरक्षा की गारंटी की मांग कर रहा है। इसे देखते हुए ही रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत करते हुए अमेरिका यह कोशिश कर रहा है कि वर्तमान में चल रही जंग को खत्म करने के साथ-साथ यह युद्ध भविष्य में फिर नहीं हो इसके लिए रास्ता निकाला जाए।
एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगातार दुनिया के दूसरे देशों को टैरिफ के दम पर झुकाया जा रहा है। कुछ देशों के द्वारा इसका मुखर विरोध भी किया जा रहा है। इसके कारण वैश्विक स्तर पर लगातार स्थिति बदलती नजर आ रही है। कई देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लगातार नाराज हैं। इसीलिए अमेरिका से उनके रिश्तों में तनाव बना हुआ है। दूसरी तरफ चीन के राष्ट्रपति इस मौके को शानदार तरीके से उठाते हुए दिख रहे हैं। ट्रंप से नाराजगी के बीच जिनपिंग के द्वारा अपनी ताकत का नजारा पेश किया जा रहा है। शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग में दुनिया के विभिन्न देशों के बड़े नेता शामिल हुए। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लंबे समय पश्चात चीन दौरे पर पहुंचे। अमेरिका से भारत तथा रूस जैसे देश इस समय दूर है और इसका मौका जिनपिंग उठाने वाले हैं।
एक दूसरे के करीब आ रहे हैं भारत चीन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के कारण भारत तथा चीन इस समय अमेरिका से नाराज हैं। दुनिया की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश भारत और चीन लगातार एक दूसरे के संबंध सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन पहुंचने पर चीन के राष्ट्रपति के द्वारा उनसे मुलाकात की गई। साथ ही मोदी का रेड कारपेट से स्वागत किया गया। भारत और चीन दोनों पर ही अमेरिका के द्वारा टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है।वैश्विक स्तर पर लगातार परिदृश्य बदलता हुआ नजर आ रहा है। अमेरिका के द्वारा लगातार विभिन्न देशों को टैरिफ का दबाव दिखाया जा रहा है।






