India US Tensions : भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका के द्वारा लगातार लिए जा रहे फैसलों से न सिर्फ भारत के द्वारा बल्कि खुद अमेरिका में भी इसका विरोध किया जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सवाल खड़े किये है। उन्होंने कहा कि अपने फैमिली व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए ट्रंप ने भारत के साथ रिश्ते खराब किए हैं। भारत और अमेरिका के रिश्ते लंबे समय से अच्छी पटरी पर थे लेकिन पाकिस्तान पर उनके द्वारा मेहरबानी की जा रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा देशहित की जगह अपना फायदा देखा जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप भारत पर 25% टैरिफ के साथ 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा कर चुके हैं। जिसके बाद भारत और अमेरिका के रिश्ते बिगड़ते जा रहे हैं। भारत और अमेरिका की तुलना में चीन तथा रूस के साथ नजदीकी बढ़ा रहा है।
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‘ट्रंप के फैसलों से पूरे देश को हो रहा नुकसान’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बोलते हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगातार गलत फैसले लिए जा रहे हैं। उनके द्वारा लिए जा रहे गलत फैसलों के कारण देश को नुकसान भुगतना पड़ रहा है। ट्रंप के द्वारा निजी फायदे के लिए भारत और पाकिस्तान का संघर्ष रोकने का भी दावा किया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति लगातार गलत साबित हुई है। आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद तनाव बढ़ गया था। भारतीय सेना के द्वारा ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया था जिसके बाद कई दिनों तक युद्ध की स्थिति बनी रही थी। अंत में दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने व्यापार का दबाव बनाते हुए दोनों देशों को संघर्ष विराम के लिए राजी किया था जबकि भारत यह बात मानने को लिए तैयार नहीं है।
‘अमेरिका के लिए जरूरी है भारत’
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि ट्रंप के द्वारा पाकिस्तान की सेना प्रमुख तथा पाकिस्तान को खुश करने की कोशिश की जा रही है जबकि भारत से अमेरिका के रिश्ते लंबे समय से अच्छे रहे हैं। भारत से रिश्ते अच्छे होने से अमेरिका को फायदा है। भारतीय टैलेंट; तकनीक तथा आर्थिक मामलों में अमेरिका को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसी के साथ उन्होंने यह भी चेतावनी कि यदि अमेरिका को चीन के रणनीतिक खतरों से लड़ाई लड़नी है तो भारत का साथ जरूरी है। भारत से रिश्ते बिगड़ने पर बड़ा नुकसान अमेरिका को उठाना होगा।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बारे में हम बहुत स्पष्ट हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका के द्वारा संघर्ष विराम करने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जब भी दो देशों के बीच संघर्ष होता है तो वह एक दूसरे से बात करते हैं। दूसरे देशों के द्वारा भी फोन किए गए थे। यह कोई सीक्रेट बात नहीं है। रूस यूक्रेन तथा इजरायल ईरान के दौरान हमने भी विभिन्न फोन किए थे। आज के ग्लोबल रिश्तो में यह आम बात हो गई है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की वजह से हुआ था यह स्वीकार नहीं है।
अमेरिका भूल रहा अपने पुराने रिश्ते
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर अमेरिका पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने पुराने रिश्तों को भूल रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगातार आतंकवादी को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी पाकिस्तान में ही 2011 में मिला था। कुछ देश लगातार राजनीति और रणनीतिक फायदे के लिए इतिहास को नजरअंदाज करते हैं। पाकिस्तान और अमेरिका का एक लंबा इतिहास है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके द्वारा विदेश नीति को बिल्कुल अलग तरीके से चलाया जा रहा है। किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा यह कार्य नहीं किया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का यह रवैया सिर्फ भारत के साथ सीमित नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के साथ उनके द्वारा ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत को बताया ‘बुरा खिलाड़ी’
रूस यूक्रेन युद्ध टैरिफ तथा विभिन्न करने से लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि भारत के द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद की जा रही है। इससे रूस को आर्थिक मदद प्राप्त हो रही है जिसका उपयोग रूस के द्वारा यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में किया जा रहा है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत बड़ा खिलाड़ी है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कच्चे तेल की खरीद पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसा करने से युद्ध मशीन को और ताकत प्रदान हो रही है। चीन में आयोजित हो रही शंघाई सहयोग संगठन की बैठक को उन्होंने दिखावा बताया। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति के साथ-साथ पुतिन की जुगलबंदी की चारों तरफ चर्चा हो रही है। चीन रूस तथा भारत के एक साथ आने के कारण अमेरिका को अब डर सताने लगा है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है। अमेरिका के साथ चल रहे विवादों को आपस में सुलझाया जा सकता है।
धीमी बातचीत के कारण भारत पर लगा टैरिफ
अमेरिका के वित्त मंत्री ने भारत पर लगाए गए टैरिफ पर बयान देते हुए कहा कि भारत के द्वारा बातचीत में सक्रियता नहीं दिखाई गई। भारत लगातार सुस्त रवैया अपनाए हुए हैं। समय पर समझौता नहीं होने के कारण अमेरिका के द्वारा भारत द्वारा टैरिफ लगाया गया है। अमेरिका के द्वारा भारत पर 25% टैरिफ लगाने के साथ-साथ 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की जा चुकी है। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय तक व्यापार समझौते को लेकर चर्चा होने के बावजूद समझौता नहीं हो सका। इसके बाद लगातार भारत और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। भारत अब अमेरिका की बजाय चीन तथा रूस के साथ व्यापार करने पर जोर दे रहा है।






