Indus Water Treaty : कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान को लेकर कठोर कदम उठाए गए थे। भारत ने लंबे समय से चल रहे सिंधु जल समझौते को भी रद्द कर दिया था। सिंधु जल समझौते के रद्द होने के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य किसी भी तरह की जानकारी साझा नहीं की जा रही थी लेकिन भारत सरकार के द्वारा इंसानियत के आधार पर पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दी गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान को जानकारी उपलब्ध कराई गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक पाकिस्तान को यह सूचना मानवीय सहायता के आधार पर दी गई है। आमतौर पर किसी भी बाढ़ से जुड़ी हुई चेतावनी भारत और पाकिस्तान के वाटर कमिश्नर के द्वारा आदान-प्रदान की जाती थी लेकिन ऑपरेशन सिन्दूर के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत लगभग बंद है।
पाकिस्तानी मीडिया कर रहा गलत दावा
भारत के द्वारा पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दिए जाने के बाद पाकिस्तान में तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। पाकिस्तान की मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि भारत के द्वारा सिंधु जल संधि के तहत ही पाकिस्तान को बाढ़ की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद को भारत के द्वारा 24 अगस्त को यह जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसमें जम्मू की तवी नदी में बाढ़ की संभावना जताई गई थी। कश्मीर में लगातार भारी बारिश देखने को मिल रही है। जम्मू और कश्मीर में हो रही भारी बारिश के कारण पाकिस्तान में बाढ़ की संभावना है।
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भारत स्थगित कर चुका सिंधु जल संधि
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सिंधु जल संधि चली आ रही थी लेकिन कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान को लेकर कठोर निर्णय लिए गए थे। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे। कई दिनों तक युद्ध की स्थिति बने रहने के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। इसी दौरान भारत के द्वारा सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। भारत के द्वारा सिंधु तथा इससे जुड़ी दूसरी नदियों के जल प्रभाव का आंकड़ा पाकिस्तान को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में जल की समस्या और भी अधिक गहरा गई है। पाकिस्तान के द्वारा इसे लेकर लगातार भारत से गुहार की जा रही है लेकिन भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी गतिविधियों को संचालित करने के कारण पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बढ़ती जाएगी।

लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। सीमा विवाद तथा दूसरे कारणों से दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी रहती है। कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर युद्ध की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे लेकिन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दिए जा रहे बयान को लेकर बार-बार भारत के द्वारा आपत्ति जताई जा रही है। एक बार फिर भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बारे में हम बहुत स्पष्ट हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका के द्वारा संघर्ष विराम करने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जब भी दो देशों के बीच संघर्ष होता है तो वह एक दूसरे से बात करते हैं। दूसरे देशों के द्वारा भी फोन किए गए थे। यह कोई सीक्रेट बात नहीं है। रूस यूक्रेन तथा इजरायल ईरान के दौरान हमने भी विभिन्न फोन किए थे। आज के ग्लोबल रिश्तो में यह आम बात हो गई है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की वजह से हुआ था यह स्वीकार नहीं है।
अमेरिका भूल रहा अपने पुराने रिश्ते
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर अमेरिका पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने पुराने रिश्तों को भूल रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगातार आतंकवादी को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी पाकिस्तान में ही 2011 में मिला था। कुछ देश लगातार राजनीति और रणनीतिक फायदे के लिए इतिहास को नजरअंदाज करते हैं। पाकिस्तान और अमेरिका का एक लंबा इतिहास है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके द्वारा विदेश नीति को बिल्कुल अलग तरीके से चलाया जा रहा है। किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा यह कार्य नहीं किया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का यह रवैया सिर्फ भारत के साथ सीमित नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के साथ उनके द्वारा ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।





