Modi Maldives Visit : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मालदीव यात्रा पर रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर उनकी यह तीसरी मालदीव यात्रा होगी। मालदीव के राष्ट्रपति के द्वारा आमंत्रित किए जाने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री मालदीप पहुंच रहे हैं। भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो जाने के बाद मालदीव का दौरा भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा किया जा रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी भाग लेंगे। भारत और मालदीव के राजनीतिक संबंधों को 60 साल पूरा हो जाने पर जश्न मनाया जा रहा है।
दोनों देशों में हो सकते हैं समझौते
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान भारत और मालदीव के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा होगी। संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान भारत और मालदीव के बीच रक्षा क्षेत्र में कई समझौते हो सकते हैं। भारत लगातार अपने पड़ोसी देशों को सपोर्ट करता रहा है। इसके बाद यह संभावना मिल रही है। मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद के बनने के बाद पहली बार दूसरे देश के किसी नेता की यह अधिकारीक यात्रा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सहयोग से तैयार हुए कई प्रोजेक्ट का भी उद्घाटन करते हुए नजर आ सकते हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत को दिया बातचीत का ऑफर; सिर्फ पीओके पर होगी बातचीत -भारत
जल्द हो सकती है पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ट्रंप से मुलाकात
अमेरिका के राष्ट्रपति एप्सटीन की ‘क्लाइंट लिस्ट’ में -रिपोर्ट; लंबे समय से लग रहे आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति के खिलाफ बड़े स्तर पर हो रहे प्रदर्शन; नए बिल पर हो रहा विरोध
मोदी की यात्रा से होंगे कई उद्देश्य प्रभावित
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कि इस मालदीव यात्रा से विभिन्न प्रभाव देखने को मिलेंगे। दोनों देशों के बीच 2022-23 में संबंध तनावपूर्ण हो गए थे। ऐसे में भारतीय प्रधानमंत्री की इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध मजबूत होने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी मजबूती मिलेगी। लंबे समय से आर्थिक संकट से गुजर रहे मालदीव को भारत के द्वारा समर्थन किया जा रहा है। लगातार मालदीव के साथ चीन की नजदीकी बढ़ने के कारण भारत के प्रधानमंत्री का दौरा चीन के प्रभाव को खत्म करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत लगातार चीन के प्रभाव को कम करने की रणनीति पर कार्य कर रहा है। भारत और मालदीव के पर्यटकों के द्वारा लगातार एक दूसरे देश का भ्रमण किया जाता है। ऐसे में दोनों देशों के पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को इस दौरे से मजबूती मिलेगी।
भारतीय पीएम को राष्ट्रपति के साले ने बताया आतंकी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव दौरे पर हैं। मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह पर शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचें लेकिन इससे पहले मालदीव में भारतीय प्रधानमंत्री को आतंकी करार दिया गया। दरअसल भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी राष्ट्रपति के साले के द्वारा बोला गया। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट को कुछ समय बाद डिलीट कर दी। उनके द्वारा की गई सोशल मीडिया पर पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी और इस्लाम का दुश्मन बताया गया।

मोदी के मालदीव दौरे को बता रहे गलती
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मालदीव दौरे से पहले राष्ट्रपति के साले के द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आतंकी करार दिया गया। उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी जैसे आतंकवादी को मालदीव दौरे पर बुलाना मालदीव की सबसे बड़ी गलती है। उनके द्वारा भारत में बाबरी मस्जिद को गिराई गई। बड़ी-बड़ी मस्जिदों को लूटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा अहमदाबाद को कब्रिस्तान में बदल दिया गया। ऐसे में मोदी का मालदीव दौरा मालदीव की सबसे बड़ी गलती है। आपको बता दे कि भारतीय प्रधानमंत्री पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले शेख अब्दुल्ला मालदीव के राष्ट्रपति के साले और सरीफ जमीयत के नेता बताये जा रहे हैं।
भारत नहीं करता मदद तो मालदीव हो जाता दिवालिया -पूर्व राष्ट्रपति
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा भारत को लेकर बड़ा दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि भारत के द्वारा समय पर मालदीव की मदद नहीं की जाती तो मालदीव दिवालिया हो सकता था। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नासिर ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की वजह से ही मालदीव की इकोनॉमी बर्बाद होने से बची है। हमारे देश की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि यदि समय रहते मदद नहीं मिलती तो हालात बेकाबू हो जाते लेकिन भारत के द्वारा मालदीव की मदद की गई। जिससे मालदीव दिवालिया होने से बच गया।
मालदीव पर आया था आर्थिक संकट
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा भारत को लेकर दिया गया बयान काफी हद तक सटीक साबित होता है। पिछले कुछ वर्षों में मालदीव की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा था। 2022-23 में पर्यटन फ्लॉप होने के बाद मालदीव पर विदेशी कर्ज काफी ज्यादा बढ़ गया था। कर्ज बढ़ने के साथ-साथ मालदीव पर डॉलर की कमी का संकट भी मंडरा रहा था। ऐसे समय में भारत के द्वारा बड़े स्तर पर मालदीव को मदद की गई थी। भारत ने अनाज ईंधन और दूसरे मोर्चो पर मालदीव को सपोर्ट किया था। जिससे मालदीव डिफॉल्ट होने से बच पाया था।
स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे मोदी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के दौरे पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन दौरे से मालदीव पहुंचे। 25 और 26 जुलाई को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनके द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान समुद्री और आर्थिक सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच चर्चा होने की संभावना है। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि मालदीव की विदेश नीति हमेशा इंडिया फर्स्ट के रूप में रही है। चुनाव के कारण मालदीव की राजनीति में चीन का भी प्रभाव देखने को मिलता है लेकिन मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा अब ऐसा होने से स्पष्ट इनकार किया गया है। उन्होंने कहा कि मालदीव की पूरी राजनीति अब धीरे-धीरे इंडिया फर्स्ट पॉलिसी पर आती जा रही है। भारत भी लगातार मालदीव को महत्व देता आ रहा है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा इस बात का सबूत है।






