Nuclear Arms Treaty : रूस के राष्ट्रपति पुतिन के द्वारा परमाणु हथियार संधि को लेकर बड़ा बयान दिया गया है। उन्होंने अमेरिका से परमाणु हथियार संधि के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया है। अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार संधि अगले साल फरवरी में खत्म हो जाएगी। इसे लेकर ही रूस के राष्ट्रपति के द्वारा यह बात कही गई है। रूस और अमेरिका के परमाणु हथियारों को कंट्रोल करने वाली संधि न्यू स्टार्ट का कार्यकाल 5 फरवरी 2026 को खत्म होने जा रहा है। जिसे 1 साल बढ़ाने की पेशकश पुतिन के द्वारा की गई है।
रूस और अमेरिका के पास सर्वाधिक परमाणु हथियार
रूस और अमेरिका दोनों ही विश्व में सबसे ताकतवर परमाणु हथियार संपन्न देश हैं। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत रूस और अमेरिका 1550 परमाणु हथियारों तक सीमित है। इस संधि के कारण दोनों देशों के द्वारा परमाणु हथियारों की संख्या को नहीं बढ़ाया जा सकता लेकिन यदि परमाणु हथियार संधि को आगे नहीं बढ़ाया गया तो रूस और अमेरिका दोनों के द्वारा ही परमाणु हथियारों की संख्या में वृद्धि की जा सकती है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दुनिया में वर्तमान में चल रही हथियारों की दौड़ को रोकने तथा शांति स्थापित करने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया गया है। रूस की सुरक्षा परिषद की बैठक में रूस के राष्ट्रपति पुतिन के द्वारा बयान दिया गया। उन्होंने कहा कि संधि की शर्तों का पालन 1 साल तक किया जा सकता है लेकिन ऐसा करने के लिए अमेरिका को भी इसका पालन करना होगा।
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रूस रखेगा अमेरिका के रक्षा क्षेत्र पर नजर
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने दोनों देशों के बीच हथियार संधि को आगे बढ़ाने की प्रस्ताव के साथ-साथ ऐसा होने पर अमेरिका के परमाणु हथियार तथा मिसाइल डिफेंस योजनाओं पर रूस के द्वारा नजर रखे जाने की भी बात कही है। अमेरिका के द्वारा मिसाइल डिफेंस को आगे बढ़ाने या अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने की स्थिति में रूस के द्वारा भी करारा जवाब दिया जाएगा और उसके राष्ट्रपति के द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर अभी तक अमेरिका के द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से दोनों देशों में लगातार तनाव बना हुआ है। इसीलिए इस संधि पर अभी तक बातचीत शुरू नहीं हो पाई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश थी कि इस संधि में रूस के साथ-साथ चीन को भी शामिल किया जाए लेकिन चीन के द्वारा इससे स्पष्ट मना कर दिया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा की जा चुकी है जिसमें भारत पर 25% टैरिफ के साथ 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत के द्वारा रूस यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस से व्यापार किया जा रहा है। इसके बाद लगातार भारत और अमेरिका के सम्बन्धो में तनाव देखने को मिल रहा है। इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है। पूर्व अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार सुसन राइस ने अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लिए गए फैसलों के कारण भारत अमेरिका से दूर चला गया है। भारत को उन्होंने एक मजबूत राष्ट्र के साथ गौरवान्वित बताया है।
भारत से दूरी पर अमेरिका को हुआ नुकसान
अमेरिका की पूर्व सुरक्षा सलाहकार राईस ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लिए गए फैसलों के कारण भारत अमेरिका से अलग हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह अमेरिका के लिए बड़ा नुकसान होगा। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच चले संघर्ष को लेकर भी बयान दिया। कहा कि- अमेरिका के राष्ट्रपति के द्वारा भारत पाक संघर्ष को लेकर बार-बार क्रेडिट लिया गया जिसके कारण भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कश्मीर के पहलगाम में हमला हो जाने के बाद लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भारत के द्वारा उनकी इस कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि भारत और अमेरिका दोनों अच्छे दोस्त हैं। नेचुरल पार्टनर के रूप में भारत और अमेरिका के द्वारा एक साथ कार्य किया गया है। आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच होने वाले समझौते से न सिर्फ व्यापार में सुविधा उपलब्ध होगी बल्कि अपार संभावनाओं को भी रास्ता मिलेगा। हमारी टीमों के द्वारा लगातार इस चर्चा को पूरी करने की कोशिश की जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने के लिए हमारे द्वारा इंतजार किया जा रहा है। बेहतर भविष्य और समृद्ध भविष्य की सुनिश्चितता करने के लिए हम साथ मिलकर कार्य करने को तैयार हैं।

ट्रम्प ने मोदी को बताया था दोस्त
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय पहले पाकिस्तान के साथ नजदीकी बढ़ाना शुरू कर दिया था जबकि भारत को लेकर वह विवादित बयान देते हुए दिखाई दे रहे थे लेकिन अब पिछले कुछ समय में ट्रंप की रणनीति में बदलाव दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोस्त करार देते हुए कहा था कि मैं उनसे मुलाकात के लिए तैयार हूं। साथ ही उन्होंने भारत और अमेरिका के संबंधों को खास करार दिया था। ट्रंप ने कहा था भारतीय प्रधानमंत्री एक महान पीएम है। उनके द्वारा किए जाने वाले सभी कार्य अच्छे हैं लेकिन कुछ कार्यों की वजह से हमारे बीच मतभेद पैदा हुए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ता खास है लेकिन कभी-कभी कुछ समस्या ऐसी आ जाती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परिस्थितियों के अनुसार अपने सुर बदलते देखे जा सकते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को डैड करार दिया था लेकिन अब वह लगातार भारत की प्रशंसा करते हुए नजर आए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छा दोस्त करार दिया है। उन्होंने कहा कि व्यापार में आ रही समस्याओं को लेकर उनसे बातचीत करने की कोशिश की जाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि जल्द ही दिल्ली और वाशिंगटन के बीच चल रही बातचीत नतीजे पर पहुंचेगी। आने वाले समय में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करते हुए व्यापार समझौते में आ रही समस्याओं को खत्म करने की कोशिश की जाएगी।






