Operation Sindoor : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर तथा महादेव को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर तथा ऑपरेशन महादेव के जरिए भारत ने आतंकवादियों को बड़ा संदेश पहुंचा दिया है। किसी भी भारतीय नागरिक की जान से खेलने की कीमत आतंकवादियों को बड़े स्तर पर चुकानी होगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह बयान ऑपरेशन महादेव में शामिल सुरक्षा बलों के जवानों को सम्मानित करने के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला होने के बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर से पूरे देश भर में संतोष पैदा हुआ है जबकि आत्मविश्वास की उत्पत्ति ऑपरेशन महादेव से हुई है। हमारे सुरक्षा बलों के द्वारा यह साबित कर दिया गया है कि आतंकवादियों के द्वारा अलग-अलग तरह की रणनीति बनाने के बावजूद वह भारत को नुकसान पहुंचाने के बाद सुरक्षित नहीं रहेंगे।
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‘शांति और विकास रोकने की कोशिश था पहलगाम हमला’
अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला ऐसे समय में किया गया था जब घाटी में पर्यटन चरम पर था। जम्मू कश्मीर में लगातार शांति और विकास की रफ्तार काफी तेज हो रही थी। इसे रोकने की साजिश के तहत ही यह हमला किया गया था। कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारतीय सेना के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन से ने सिर्फ सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष में भी खुशी की लहर है। पक्ष और विपक्ष के द्वारा सेना के कार्य का आभार जताया जा रहा है। सुरक्षा बलों के साथ-साथ उन्होंने जम्मू कश्मीर पुलिस की भूमिका की भी प्रशंसा की। ऑपरेशन सिंदूर कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारतीय सेना के द्वारा चलाया गया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में स्थित विभिन्न आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया था जबकि ऑपरेशन महादेव के तहत कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया था। जंगल में छिपे आतंकवादियों को ढूंढ कर सेना के द्वारा मारा गया था। 28 जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला करने वाले आतंकवादी मारे गए थे।
भारत की CDS अनिल चौहान ने एक बार फिर पाकिस्तान के साथ चल रही तनातनी को लेकर बयान देते हुए कहा कि भारत लंबे समय से शांतिप्रिय देश है लेकिन शांति वादी नहीं है। दुश्मन देश के द्वारा गलतफहमी पैदा नहीं करनी चाहिए। हमारे देश की सेना हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहती हैं। मध्य प्रदेश में आर्मी वॉर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यह बयान दिया। इस कार्यक्रम में तीनों सेनाओ के प्रमुख मौजूद होने के साथ-साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे। चौहान ने कहा की शक्ति के बिना शांति संभव नहीं है। अगर आप शांति चाहते हैं तो आपको हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि शांति शक्ति से ही प्राप्त की जा सकती है।
‘जारी है ऑपरेशन सिंदूर’
भारतीय CDS अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर पर बयान देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर लगातार जारी है। यह एक आधुनिक संघर्ष था जिसके द्वारा भारत ने विभिन्न सबक प्राप्त किए हैं। इस ऑपरेशन से प्राप्त हुए सबक पर लगातार अमल किया जा रहा है। महाभारत और गीता को उन्होंने युद्ध नीति का सबसे बेहतरीन उदाहरण बताया। चौहान ने कहा कि चाणक्य की नीति के द्वारा चंद्रगुप्त को विजय प्राप्त हुई थी। शक्ति, उत्साह और युक्ति युद्ध नीति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। शस्त्र और शास्त्र दोनों को एक साथ फॉलो किया जाना चाहिए। चौहान ने कहा कि आने वाले समय में यदि जंग होती है तो वह बेहद खतरनाक होगी। तीनों सेनाओ के द्वारा मिलकर ही जंग को जीता जा सकता है। हमें हर कंडीशन में सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी होगी।

22 मिनट में आतंकी ठिकाने नष्ट- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने टैरिफ के साथ-साथ भारत सेना के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमारे द्वारा लिए गए बदले को पूरी दुनिया के द्वारा देखा गया। 22 मिनट में सेना की कार्रवाई में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने चरखा धारी और सुदर्शन धारी का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात की धरती दो मोहन की धरती है। भारतीय सेना के पराक्रम और इच्छा शक्ति का प्रतीक उन्होंने सुदर्शन धारी को बताया जबकि आत्मनिर्भर के रूप में चरखा धारी हैं। आतंकवादियों के द्वारा भारत के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश का निर्माण किया गया तो भारत के द्वारा उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। आतंकवादियों के द्वारा पहले हमारे देश में खून बहाया जाता था लेकिन दिल्ली में बैठी सरकार के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव देखने को मिल रहा है। सीमा विवाद तथा दूसरे कारणों से दोनों देशों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी रहती है। कुछ दिनों पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक बार फिर युद्ध की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दोनों देश संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे लेकिन संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दिए जा रहे बयान को लेकर बार-बार भारत के द्वारा आपत्ति जताई जा रही है। एक बार फिर भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।






