Pahalgam Terror Attack : कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों के द्वारा पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन TRF के द्वारा ली गई थी। हालांकि कुछ दिनों बाद वह इस जिम्मेदारी के बयान से पलट गया था। अब लगातार इस संगठन की भूमिका को लेकर दुनिया भर में चर्चा चल रही है। एक तरफ पाकिस्तान यह मानने को तैयार नहीं है की टीआरएफ ने इस आतंकवादी घटना को अंजाम दिया दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मॉनिटरिंग टीम ने पहलगाम हमले के लिए TRF को जिम्मेदार माना है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मॉनिटरिंग टीम के द्वारा जारी की गई ग्लोबल टेरेरिस्ट संगठनों की सूची में पहलगाम हमले का जिक्र किया गया है। टीआरएफ के द्वारा पहलगाम हमला हो जाने के बाद दो बार इसकी जिम्मेदारी ली जा चुकी है लेकिन वह बार-बार अपने बयान से मुकर रहा है। हाल ही में अमेरिका के द्वारा TRF को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया गया था।
रिपोर्ट में दावा – क्षेत्र में फिर हो सकती है हमले की कोशिश
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सेक्शंस मॉनिटरिंग टीम के द्वारा जारी की गई ग्लोबल टेरेरिस्ट संगठनों की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि एक सदस्य देश के द्वारा पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली गई है। यह हमला लश्कर ए तैयबा की मदद के बिना संभव नहीं था। TRF और लश्कर ए तैयबा के बीच संबंध उजागर हुए हैं। एक सदस्य देश के द्वारा लश्कर ए तैयबा को निष्क्रिय बताया गया है लेकिन यह दावे खारिज किए गए हैं। इसी के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट में पहलगाम क्षेत्र को काफी संवेदनशील बताया गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के द्वारा इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एक बार फिर हमला करने की कोशिश की जा सकती है।
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बयान में शामिल नहीं किया था TRF का नाम
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में पहलगाम हमले के लिए TRF को जिम्मेदार बताया गया है लेकिन इससे पहले जारी किए गए बयान में उन्होंने TRF के नाम को शामिल नहीं किया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के दबाव के कारण सुरक्षा परिषद के द्वारा 25 अप्रैल को जारी किए गए एक प्रेस बयान में इस आतंकवादी हमले की निंदा तो की गई लेकिन TRF संगठन की भूमिका के बारे में कोई बयान नहीं दिया गया। इस बयान के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री के द्वारा यह बयान दिया गया था कि हमारी कोशिश के बाद TRF का नाम सफलतापूर्वक बयान से हटा दिया गया था। ऐसे में एक बार फिर उसने संयक्त सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट में पहलगाम हमले के लिए TRF को जिम्मेदार मानना पाकिस्तान के मुंह पर बड़ा तमाचा है।
अमेरिका कर चुका TRF को आतंकवादी संगठन घोषित
कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले को अंजाम देने वाले TRF संगठन को अमेरिका के द्वारा कुछ दिनों पहले ही आतंकवादी संगठनों की सूची में डाला गया था। अमेरिका के द्वारा विदेशी आतंकवादी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठनों की लिस्ट में इन्हें शामिल किया गया था। अमेरिका के विदेश मंत्री के द्वारा इस संबंध में जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा था कि टीआरएफ लश्कर ए तैयबा का ही एक रूप है। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। जिसकी जिम्मेदारी इस संगठन के द्वारा ली गई थी। लश्कर के द्वारा भारत में किए गए हमले में 2008 में मुंबई हमलों के बाद यह सबसे घातक हमला था। इसी के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा था कि इस संगठन के द्वारा भारतीय सुरक्षा बलों पर किए गए कई हमले की जिम्मेदारी भी ली गई है। अमेरिकी सरकार का यह फैसला पहलगाम हमले के लिए न्याय दिलाने की तरफ कोशिश के तौर पर है। अमेरिका की ट्रंप सरकार लगातार सुरक्षा को लेकर गंभीर है और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।

हमले की जिम्मेदारी ले चुका था TRF
कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद इस हमले की जिम्मेदारी TRF संगठन के द्वारा ली गई थी। हालाँकि वह जिम्मेदारी लेने के कुछ दिनों बाद ही अपने बयान से मुकर गया था। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। हमले के बाद TRF संगठन के द्वारा यह बयान जारी किया गया था कि भारत सरकार के द्वारा कश्मीर में मुस्लिम समुदाय को बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बनाने का कार्य किया जा रहा है। बयान से पलटते हुए 26 अप्रैल को संगठन के प्रवक्ता के द्वारा यह बयान दिया गया था कि इस हमले के लिए TRF को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनकी वेबसाइट को हैक करते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली गई थी।
भारतीय विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री के द्वारा लगातार पहलगाम मामले को दुनिया के वैश्विक मंचों पर उठाया जा रहा है। जिसके बाद विभिन्न संगठन और देशो के द्वारा इस हमले की निंदा की जा रही है। अमेरिका के द्वारा इस संगठन को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को शुक्रिया कहा था। इस संगठन का अस्तित्व जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने के बाद पैदा हुआ था। इस संगठन में ऐसे आम नागरिकों को शामिल किया जाता है जो आम नागरिक होने के साथ-साथ आतंकी गतिविधियों में सम्मिलित होते हैं। इन आतंकवादियों को हाइब्रिड आतंकवादी के नाम से भी जाना जाता है।





