UNGA India Pakistan में जयशंकर ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश दिया, वहीं पाक पीएम शरीफ ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए जीत का दावा किया।

रूस- यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत को निशाना बनाना गलत : एस जयशंकर

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से युद्ध चल रहा है। लगातार दोनों देशों के बीच वार्ता करने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह अभी तक सफल नहीं हो पा रही है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर कहा कि भारत को इस युद्ध के लिए जिम्मेदार बनाना ठीक नहीं है। भारत को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। भारत की कोशिश हमेशा शांति की रही है। शांति और बातचीत के जरिए इस युद्ध का समाधान होना चाहिए। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में यह बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा है कि फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत हुई। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच यूक्रेन युद्ध तथा इसके असर को लेकर चर्चा हुई। भारत को इस युद्ध में गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हम लंबे समय से बातचीत और डिप्लोमेसी के पक्षधर रहे हैं।

अमेरिका लगा चुका भारत पर 50% टैरिफ

रूस यूक्रेन युद्ध का असर अलग-अलग क्षेत्र में देखा जा रहा है। अमेरिका के द्वारा हाल ही में भारत पर 50% टैरिफ की घोषणा की गई थी। इस टैरिफ में 25% टैरिफ लगाने के साथ-साथ भारत पर 25% टैरिफ जुर्माने के रूप में लगाया गया था। अमेरिका का आरोप है कि रूस यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत के द्वारा रूस से तेल व्यापार किया जा रहा है। इस व्यापार से रूस को आर्थिक मदद पहुंच रही है जिसका उपयोग वह रूस यूक्रेन युद्ध में कर रहा है जबकि भारत कम कीमत में तेल खरीदते हुए मुनाफा खोरी कर रहा है।

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर भारत और अमेरिका के बीच चल रहे संबंधों पर बयान दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर विदेश मंत्री ने कहा अमेरिका से झगड़ा नहीं है। भारतीय किसान तथा छोटे उत्पादकों का ध्यान रखते हुए भारत सरकार लगातार अपने कदम आगे बढ़ा रही है। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपने हित को देखते हुए इस पर फैसला लेगा। किसी भी देश के द्वारा मजबूर नहीं किया जा सकता। अमेरिका के द्वारा लगातार भारत पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि भारत कम दाम में कच्चा तेल खरीद कर उसे अधिक दाम में बेच रहा है। इस पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी देश को यदि भारत से तेल खरीद ने में समस्या है तो उसे ऐसा नहीं करना चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्री ने यह बयान रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद दिया। भारतीय विदेश मंत्री ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के साथ-साथ रूस के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इसके बाद एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन को भारत से बड़ा कच्चा तेल का खरीदार बताया। चीन के राजदूत ने भारत और चीन के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि इस समय दुनिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। भारत और चीन दो ऐसे देश है जो सिर्फ एशिया के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए इनकी दोस्ती फायदेमंद हो सकती है। एशिया की आर्थिक प्रगति के लिए भारत और चीन दो इंजन के रूप में कार्य कर रहे हैं। चीन के राजदूत ने यह भी कहा कि शंघाई सहयोग संगठन में शामिल होने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देगा।

‘भारत पर हाई टैरिफ समझ से परे’

भारतीय विदेश मंत्री ने रूस के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद की गई ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूरोपीय यूनियन नेचुरल गैस खरीदने के मामले में भारत से काफी आगे है। रूस और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद दक्षिणी देशो के द्वारा लगातार रूस के साथ व्यापार बढ़ाया गया फिर भी अमेरिका के द्वारा सिर्फ भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। यह समझ से परे है। अमेरिका के द्वारा पहले यह कहा जाता था कि भारत ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर रखने के लिए रूस से तेल खरीदना जारी रखें लेकिन अब अमेरिका के द्वारा अपने स्टैंड को बदला जा रहा है। भारत और रूस के रिश्तों पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत और रूस का रिश्ता दुनिया के सबसे स्थिर रिश्तो में से एक है।

Russia Ukraine War को लेकर एस जयशंकर ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है। अमेरिका का 50% टैरिफ अनुचित है। भारत रूस से तेल व्यापार अपने हित में कर रहा है।
Russia Ukraine War को लेकर एस जयशंकर ने कहा कि भारत शांति का पक्षधर है। अमेरिका का 50% टैरिफ अनुचित है। भारत रूस से तेल व्यापार अपने हित में कर रहा है।

भारत के द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद जरूरत के आधार पर की जाती है। भारतीय विदेश मंत्री के द्वारा रूस के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद विभिन्न मुद्दों पर सहमति जताई है। लंबे समय से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध का असर दुनिया के दूसरे देशों पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका के द्वारा भारत पर रूस के साथ व्यापार करने का आरोप लगाया जा रहा है। इसी कारण भारत पर 25% टैरिफ लगाने के बाद 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की गई थी। अमेरिका का आरोप है कि भारत के द्वारा रूस से यूक्रेन युद्ध के बाद भी कच्चे तेल का व्यापार किया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार ने भारत को लेकर एक बार फिर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद करते हुए मुनाफाखोरी का कार्य कर रहा है। अमेरिकी पैसे के द्वारा इंडियन कंपनियों द्वारा तेल खरीदते हुए ज्यादा रेट पर बेचा जा रहा है। इसीलिए भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाना जरूरी हो गया है।

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