Finland President India को उभरती शक्ति मानते हुए बोले कि रूस-चीन से तुलना गलत है। मोदी की शांति प्रयासों और पश्चिमी सहयोग की सराहना की।

भारत ने SCO में उठाया पहलगाम मुद्दा; सदस्य देशो ने किया समर्थन

SCO Summit Terrorism : भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन में आयोजित हो रहे शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए वर्तमान में चीन दौरे पर है। शंघाई सहयोग संगठन समिट के दूसरे दिन भारत के द्वारा आतंकवाद के मुद्दे को उठाया गया। आतंकवाद के मुद्दे को दुनिया के द्वारा भी समर्थन दिया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई। शंघाई सहयोग संगठन के घोषणा पत्र में भी पहलगाम हमले का जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले अपराधियों उनका समर्थन करने वालों और आयोजकों को सजा दिलाना जरूरी हो गया है। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों के द्वारा पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे।

रक्षा मंत्रियों की बैठक में भी भारत उठा चुका मुद्दा

शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में आतंकवाद के मुद्दे को उठाया गया। इससे पहले रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भी शंघाई सहयोग संगठन में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के द्वारा आतंकवाद के मुद्दे को उठाया गया था। हालाँकि उस समय घोषणा पत्र में पहलगाम हमले का जिक्र नहीं किया गया था। इसे लेकर भारत के द्वारा नाराजगी जताई गई थी। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।

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आतंकवाद दुनिया के लिए खतरा मोदी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर जमकर सवाल खड़े किए। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद का सबसे बुरा रूप करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार दशक से लगातार आतंकवाद की मार से जूझ रहा है। कुछ देशों के द्वारा आतंकवाद को खुले रूप से समर्थन दिया जा रहा है। यह किस तरह स्वीकार किया जा रहा है? समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन को लेकर भारत की सोच और नीति बिल्कुल स्पष्ट है। हमें मिलकर आतंकवाद का विरोध करना होगा। मानवता के प्रति यह हमारा दायित्व है। भारत हमेशा से मजबूत कनेक्टिविटी के जरिए विश्वास और विकास पैदा करने की कोशिश के समर्थन में है।

भारत स्थगित कर चुका सिंधु जल संधि

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सिंधु जल संधि चली आ रही थी लेकिन कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हो जाने के बाद भारत के द्वारा पाकिस्तान को लेकर कठोर निर्णय लिए गए थे। दोनों देशों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे। कई दिनों तक युद्ध की स्थिति बने रहने के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। इसी दौरान भारत के द्वारा सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। भारत के द्वारा सिंधु तथा इससे जुड़ी दूसरी नदियों के जल प्रभाव का आंकड़ा पाकिस्तान को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सिंधु जल संधि स्थगित कर देने के बाद पाकिस्तान में जल की समस्या और भी अधिक गहरा गई है। पाकिस्तान के द्वारा इसे लेकर लगातार भारत से गुहार की जा रही है लेकिन भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकी गतिविधियों को संचालित करने के कारण पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बढ़ती जाएगी।

SCO Summit Terrorism मुद्दे पर पीएम मोदी ने कश्मीर के पहलगाम हमले की निंदा की और आतंकवाद को मानवता के लिए खतरा बताया। भारत ने कड़ा रुख अपनाया।
SCO Summit Terrorism मुद्दे पर पीएम मोदी ने कश्मीर के पहलगाम हमले की निंदा की और आतंकवाद को मानवता के लिए खतरा बताया। भारत ने कड़ा रुख अपनाया।

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में मध्यस्थता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। इस बारे में हम बहुत स्पष्ट हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिका के द्वारा संघर्ष विराम करने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जब भी दो देशों के बीच संघर्ष होता है तो वह एक दूसरे से बात करते हैं। दूसरे देशों के द्वारा भी फोन किए गए थे। यह कोई सीक्रेट बात नहीं है। रूस यूक्रेन तथा इजरायल ईरान के दौरान हमने भी विभिन्न फोन किए थे। आज के ग्लोबल रिश्तो में यह आम बात हो गई है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की वजह से हुआ था यह स्वीकार नहीं है।

अमेरिका भूल रहा अपने पुराने रिश्ते

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को लेकर अमेरिका पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने पुराने रिश्तों को भूल रहा है। पाकिस्तान के द्वारा लगातार आतंकवादी को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी पाकिस्तान में ही 2011 में मिला था। कुछ देश लगातार राजनीति और रणनीतिक फायदे के लिए इतिहास को नजरअंदाज करते हैं। पाकिस्तान और अमेरिका का एक लंबा इतिहास है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका पर बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा है कि उनके द्वारा विदेश नीति को बिल्कुल अलग तरीके से चलाया जा रहा है। किसी भी पूर्व राष्ट्रपति के द्वारा यह कार्य नहीं किया गया था। डोनाल्ड ट्रंप का यह रवैया सिर्फ भारत के साथ सीमित नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के साथ उनके द्वारा ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।

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