Subhanshu Shukla Astronaut : भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यात्रा के बाद पहली बार भारत पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के द्वारा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा करने के बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर मोदी से मुलाकात की गई। प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा शुभांशु शुक्ला का गर्म जोशी से स्वागत किया गया। लंबे समय से शुभांशु शुक्ला का भारत लौटने का इंतजार किया जा रहा था। स्वास्थ्य तथा दूसरे कारणो से उन्हें अभी तक भारत आने की परमिशन नहीं दी गई थी लेकिन अब वह पहली बार भारत पहुंच चुके हैं। उन्हें लेकर परिवार तथा भारत में उत्साह नजर आ रहा है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन से जुड़ा एक प्रतीक चिन्ह उन्हें भेंट किया। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की ड्रेस पहने हुए नजर आए। भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला के सफल तरीके से अंतरिक्ष यात्रा से लौटने के बाद पहली बार भारत पहुंचने पर जश्न मनाया जा रहा है। लोकसभा में शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष मिशन को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सुभांशु तथा उनकी टीम की सफलता पर पूरे देश में जश्न मनाया जा रहा है लेकिन विपक्ष इस पर चर्चा को तैयार नहीं है। विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है।
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वह 15 जुलाई को अंतरिक्ष से धरती पर पहुंचे थे। भारत लौटने के बाद सुधांशु के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद वह लखनऊ पहुंचेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि शुभांशु शुक्ला 22 और 23 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए थे। ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय नागरिक हैं। लगभग 18 दिन के बाद वह 15 जुलाई को वापस पृथ्वी पर लौटे थे।
शुभांशु ने बताया भावनाओं का मिला-जुला एहसास
अंतरिक्ष यात्रा के बाद पहली बार भारत लौट रहे शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत लौटने के लिए जब मैं विमान में बैठा तो मेरे दिल में मिला जुला भाव है। एक तरफ में लंबे समय बाद दोस्त और परिवारों के साथ मिलने को लेकर उत्साहित हु तो वहीं दूसरी तरफ मुझे उन लोगों से अलग होने का दुख हो रहा है जिनके साथ मैंने एक साल तक दोस्त और परिवार की तरह कार्य किया लेकिन मुझे ऐसा एहसास होता है कि यही जीवन है। सब कुछ एक साथ है। मिशन के दौरान और मिशन के बाद मिले प्यार और समर्थन को पाकर मैं भारत आने का और इंतजार नहीं कर सकता।
18 दिन अंतरिक्ष में रहे शुभांशु शुक्ला
अपने अंतरिक्ष मिशन को समाप्त कर शुभांशु शुक्ला पृथ्वी पर लौट आये हैं। अंतरिक्ष से उनका पृथ्वी पर लौटने का सफर 23 घंटे का था। मिशन के लांच होने के लगभग 18 दिन बाद शुभांशु शुक्ला एक बार फिर पृथ्वी पर लौटे हैं। अंतरिक्ष में रहकर सुभांशु शुक्ला और उसकी टीम के सभी सदस्यों ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग किये। विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के द्वारा उन्होंने जानकारी जुटाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने लगभग 60 से भी ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किये। शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष से रवाना होने के बाद सभी भारतीय उत्साहित नजर आ रहे हैं। अपनी अंतरिक्ष यात्रा से प्राप्त अनुभव भारत के गगनयान मिशन में काम आने वाले हैं।

1984 के बाद भारतीय यात्री की अंतरिक्ष यात्रा
शुभांशु शुक्ला लंबे समय बाद अंतरिक्ष में जाने वाले भारतीय बने हैं। उससे पहले राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी। राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के स्पेसक्राफ्ट के माध्यम से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इस तरह शुभांशु शुक्ला स्पेस में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय बने हैं। भारतीय एजेंसी इसरो और अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के बीच हुए समझौते के तहत शुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए चुना गया था। सुभांशु शुक्ला का यह अनुभव भारत के गगनयान मिशन में काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। भारत के गगनयान मिशन को 2027 में लॉन्च करने की संभावना जताई जा रही है। भारत इस मिशन के तहत मानव को अंतरिक्ष में भेजने के साथ सुरक्षित वापस लाने पर कार्य कर रहा है।
भारत आज भी सारे जहां से अच्छा -शुभांशु शुक्ला
भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला जल्द ही धरती पर वापस लौट आये हैं। लगभग 18 दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री और उसकी टीम 15 जुलाई को धरती पर वापस लौटे। इससे पहले फेयरवेल सेरिमनी में शुभांशु शुक्ला के द्वारा एक बार उस बात को दोहराया गया है जिसे भारत के प्रथम अंतरिक्ष यात्री के द्वारा कहा गया था। शुभांशु शुक्ला ने कहा कि भारत अभी भी सारे जहां से अच्छा है। पृथ्वी पर वापस लौटने से पहले 13 जुलाई की शाम को फेयरवेल सेरिमनी का आयोजन किया गया था। इस दौरान भारतीय अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला के द्वारा यह बात कही गई। इससे पहले सारे जहां से अच्छा का आईकॉनिक डायलॉग राकेश शर्मा के द्वारा 1984 में दिया गया था।
अविश्वसनीय रही यात्रा -शुभांशु
भारत के अंतरिक्ष यात्री सुभांशु शुक्ला ने अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा था कि जब हमने यात्रा की शुरुआत की तो हमने सोचा नहीं था कि यह यात्रा इतनी भव्य रहेगी लेकिन यह यात्रा वास्तव में अविश्वसनीय है। पूरी टीम के सहयोग के बिना यह यात्रा इतनी अविश्वसनीय नहीं हो सकती थी लेकिन टीम के सहयोग से सब कुछ संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में होना बहुत ही खुशी की बात है। इस दौरान हमने आउटरीच एक्टिविटी, साइंस एक्टिविटी तथा स्पेस स्टेशन पर अन्य जानकारी जुटाने की कोशिश की। सुभांशु शुक्ला ने कहा कि हमें जितना भी समय मिला हमने स्पेस स्टेशन की खिड़की से पृथ्वी को देखने में समय निकाला। वर्तमान भारत निडर, महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी और गौरव से भरा हुआ दिखाई देता है।





